मेटा के स्वामित्व वाली मैसेजिंग सेवा व्हाट्सएप ने मंगलवार को अपने उपयोगकर्ताओं के लिए एक नया सुरक्षा फीचर “स्ट्रिक्ट अकाउंट सेटिंग्स” (Strict Account Settings) लॉन्च किया है।
इसके साथ ही व्हाट्सएप अब उन प्रमुख अमेरिकी तकनीकी कंपनियों की श्रेणी में शामिल हो गया है जो उच्च जोखिम वाले उपयोगकर्ताओं को साइबर हमलों से बचने के लिए एक अधिक प्रतिबंधात्मक लेकिन सुरक्षित अनुभव प्रदान कर रही हैं।
क्या है यह नया ‘स्ट्रिक्ट अकाउंट सेटिंग्स’ मोड?
व्हाट्सएप की सेटिंग्स में उपलब्ध यह नया ‘वन-क्लिक बटन’ सक्रिय होते ही सुरक्षा के कई कड़े उपाय लागू कर देता है। मुख्य रूप से इसमें तीन बड़े बदलाव शामिल हैं:
- मीडिया ब्लॉक: अज्ञात प्रेषकों से आने वाले किसी भी मीडिया या अटैचमेंट को पूरी तरह ब्लॉक करना।
- लिंक प्रीव्यू अक्षम करना: चैट में आने वाले यूआरएल के थंबनेल (Preview) को डिसेबल करना, ताकि दुर्भावनापूर्ण लिंक से बचा जा सके।
- कॉल साइलेंस: अज्ञात संपर्कों से आने वाली कॉलों को स्वचालित रूप से साइलेंट करना।
विशेषज्ञों के अनुसार, ये तीनों माध्यम उन्नत हैकर्स और निगरानी उपकरणों (Spyware) के लिए प्रवेश द्वार माने जाते हैं।
किनके लिए है यह सुविधा?
व्हाट्सएप ने स्पष्ट किया है कि हालांकि सभी सामान्य चैट एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड हैं, लेकिन पत्रकार, मानवाधिकार कार्यकर्ता और सार्वजनिक हस्तियां अक्सर परिष्कृत साइबर हमलों का निशाना बनती हैं।
उन्हीं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह अतिरिक्त सुरक्षा परत तैयार की गई है।
तीसरी प्रमुख टेक कंपनी बनी मेटा
एप्पल और गूगल के बाद मेटा अब इस क्षेत्र में तीसरी बड़ी खिलाड़ी है:
- एप्पल (Apple): 2022 में आईफोन और मैक उपयोगकर्ताओं के लिए “लॉकडाउन मोड” (Lockdown Mode) पेश किया था।
- गूगल (Android): पिछले साल एंड्रॉइड ने विशेष रूप से उच्च सुरक्षा जागरूकता वाले उपयोगकर्ताओं के लिए “उन्नत सुरक्षा मोड” (Advanced Protection Mode) की शुरुआत की थी।
- अब व्हाट्सएप के इस कदम से उन उपयोगकर्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी जिन्हें डिजिटल जासूसी और लक्षित हैकिंग का डर रहता है। अधिक जानकारी के लिए आप WhatsApp ब्लॉग पर जा सकते हैं।