कर्ज में डूबी दिग्गज जयप्रकाश एसोसिएट्स (JP Associates News) आखिरकार अदाणी ग्रुप (Adani Group) के हाथों में आ गई है।
कंपनी के नई फाइलिंग के अनुसार अदाणी एंटरप्राइजेज (AEL) के पेश किए गए रेजोल्यूशन प्लान को आधिकारिक तौर पर लागू कर दिया गया है।
इस अहम कदम के साथ ही जेपी एसोसिएट्स को फिर से शुरू करने का रास्ता साफ़ हो गया है।
क्या जेपी ग्रुप का ब्रांड नाम अब खत्म हो जाएगा?
क्योंकि गौतम अदाणी के पास पहले से सीमेंट का बड़ा एंपायर है। ऐसे में अब इस नई कंपनी के अधिग्रहण के बाद क्या अदाणी ग्रुप इसे किसी दूसरी कंपनी के साथ मर्ज कर देगा या जेपी एसोसिएट्स के पुराने ब्रांड नाम का इस्तेमाल जारी रखेगा? लोगों के मन अब यह सबसे बड़ा सवाल उठ रहा है।
जागरण बिजनेस के एक पाठक ने ही हमसे यह सवाल पूछा है। हालांकि बता दें कि इसका फैसला अभी पूरी तरह से साफ नहीं है कि अदाणी ग्रुप या उसे अपने किसी मौजूदा ब्रांड (जैसे अम्बुजा या एसीसी सीमेंट) में मर्ज कर देगा।
हालांकि, इंप्लीमेंटिंग एजेंसियों के जरिए अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की गई है, जो इस बात का संकेत है कि ग्रुप अलग-अलग संपत्तियों को अपनी सुविधानुसार विभिन्न सब्सिडियरी कंपनियों के तहत मैनेज कर सकता है।
यह डील अदाणी ग्रुप के लिए कितनी अहम है?
अदाणी एंटरप्राइजेज (AEL) के लिए यह अधिग्रहण उनकी कोर स्ट्रैटेजी का एक बड़ा हिस्सा है। अदाणी ग्रुप पहले से ही इंफ्रास्ट्रक्चर, सीमेंट, पावर और रियल एस्टेट सेक्टर में तेजी से अपना विस्तार कर रहा है।
जेपी एसोसिएट्स के पास सीमेंट और कंस्ट्रक्शन सेक्टर का एक मजबूत आधार और बड़ा नेटवर्क रहा है। इस डील के जरिए अदाणी ग्रुप को एक झटके में बना-बनाया इंफ्रास्ट्रक्चर और अहम प्रोजेक्ट्स मिल जाएंगे, जो उन्हें बाजार में अपने प्रतिद्वंद्वियों से काफी आगे ले जाने में मदद करेंगे।
(डिस्क्लेमर: यहां शेयरों को लेकर दी गई जानकारी निवेश की राय नहीं है। चूंकि, स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)