वेनेजुएला के भूकंप का भारत पर क्या होगा असर? जानिए पेट्रोल-डीजल की कीमतों से इसका कनेक्शन…

वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप ने भारत के तेजी से बढ़ते तेल व्यापार के लिए नई चिंताएं खड़ी कर दी हैं। दरअसल, मिडिल ईस्ट में जारी संकट के बीच भारत ने वेनेजुएला से कच्चे तेल का आयात तेजी से बढ़ाया था, लेकिन यहां आए भूकंप के चलते बिजली कटौती, परिवहन व्यवस्था में बाधा और बंदरगाहों पर आपातकालीन प्रतिबंधों के कारण माल ढुलाई कई दिनों या हफ्तों तक धीमी हो सकती है।

वेनेजुएला में यह आपदा ऐसे समय में आई है, जब मिडिल ईस्ट (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) में तनाव के कारण भारत तेल आपूर्ति में व्यवधान का सामना कर रहा था। कुछ दिन पहले ही अमेरिका और ईरान ने शांति समझौते पर हस्ताक्षर किया है, जिसके कारण उम्मीद जगी थी कि तेल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जारी व्यवधान आखिरकार कम हो जाएगा। लेकिन अब वेनेजुएला में आए तूफान ने भारत के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है।

ईडीएमई इंश्योरेंस ब्रोकर्स लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर और ग्लोबल हेड ऑफ नेचुरल रिसोर्सेज कुणाल खन्ना के अनुसार, भारतीय रिफाइनरियों के लिए वेनेजुएला हाल ही में कच्चे तेल के एक प्रमुख स्रोत के रूप में उभरा है। भारतीय रिफाइनरियों के लिए वेनेजुएला बहुत कम समय में एक महत्वपूर्ण आपूर्तिकर्ता बन गया है।

लेकिन यहां आए भूंकप से हुए नुकसान के कारण तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। इसका असर भारत के साथ-साथ दुनिया के अन्य देशों पर भी पड़ सकता है।

वेनेजुएला से तेल आयात में आई थी बड़ी बढ़ोतरी

मिडिल ईस्ट संकट के बीच भरतीय रिफाइनरी कंपनियों ने हाल के महीनों में वेनेजुएला से कच्चे तेल की खरीद में भारी वृद्धि की है। अप्रैल और मई के दौरान वेनेजुएला से कच्चे तेल की खरीद में भारी उझाल आया, जिससे वेनेजुएला भारत के सबसे महत्वपूर्ण कच्चे तेल आपूर्तिकर्ताओं में से एक बन गया है।

कुणाल खन्ना के अनुसार, वेनेजुएला में आए भूकंप के कारण भले निर्यात टर्मिनल सुरक्षित हैं, लेकिन बिजली गुल होने, सड़क और परिवहन नेटवर्क क्षतिग्रस्त होने और बंदरगाहों पर आपात प्रतिबंध लगने से जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। वेनेजुएला के प्रमुख कार्गो बंदरगाह ला गुआइरा को आपदा क्षेत्र घोषित किया जा चुका है। इससे शिपिंग और पोर्ट संचालन को लेकर चिंता बढ़ गई है।

क्या पेट्रोल-डीजल के बढ़ेंगे दाम?

अब लोगों के मन में सवाल यह है कि क्या इससे पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ सकते हैं, इसका सीधा जवाब नहीं है। लेकिन इसके कारण जहाजों को माल लोड करने में अधिक समय तक इंतजार करना पड़ सकता है। रूट बदलने के कारण डेमरेज शुल्क भी बढ़ सकता है।

शिपिंग में होने वाली देरी के कारण जहाजों का किराया और बीमा मिलकर तेल की लागत बढ़ा सकते हैं। इन अतिरिक्त खर्चों का सीधा असर कारोबारियों, रिफाइनरियों और बीमा कंपनियों पर पड़ेगा। इसके कारण सीधे तौर पर तो पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ सकते। लेकिन अगर भंकप के कारण उत्पन्न हुआ यह गतिरोध लंबा खींचता है तो भारतीय रिफाइनरी कंपनियों को वैकल्पिक रास्तों की तलाश करनी होगी।

बीमा कंपनियों के लिए भी चुनौती

कुणाल खन्ना के अनुसार, वेनेजुएला से आने वाले जहाजों के लिए बीमा पॉलिसियां अब तक मुख्य रूप से भू-राजनीतिक और प्रतिबंधों से जुड़े जोखिमों को ध्यान में रखकर बनाई गई थीं. लेकिन अब भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाएं भी जोखिम का बड़ा कारण बन गई हैं। क्योंकि अब इस समुद्री मार्ग का आकलन प्राकृतिक आपदाओं के नजरिए से भी करना होगा।

भारत के आर्थिक और परिचालन हितों पर असर

इसके अलावा भारत की सरकारी कंपनी ओएनजीसी विदेश ने भी वेनेजुएला के तेल परियोजनाओं में निवेश किया हुआ है। यदि लंबे समय तक उत्पादन या निर्यात प्रभावित रहता है तो भारत के आर्थिक और परिचालन हितों पर भी असर पड़ सकता है।

पीएम मोदी और वेनेजुएला के बीच बातचीत

हाल ही में पीएम मोदी ने वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज से बातचीत की थी। पीएम मोदी और रोड्रिगेज ने भारतीय कंपनियों के लिए वेनेजुएला के खनन, महत्वपूर्ण खनिज, फार्मास्यूटिकल्स और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों में निवेश के अवसरों पर भी चर्चा की थी। हालांकि, अब भूकंप के कारण इन योजनाओं में बदलाव संभावना दिख रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *