अमेरिका और ईरान लगभग चार महीनों के संघर्ष के बाद बातचीत की मेज पर सामने आए। ये बातचीत स्विट्जरलैंड में हुई। ऐसे में बीते दिनों जारी शांति वार्ता के बीच से एक ऐसी वीडियो सामने आई, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया।
वीडियो में देखा गया कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची कमरे में आते हैं, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को पूरी तरह नजरअंदाज करते हुए आगे बढ़ जाते हैं और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को गले लगा लेते हैं।
सोशल मीडिया पर तुरंत यह खबर फैल गई कि ईरान ने अमेरिका का सरेआम अपमान कर दिया। लेकिन अब खुद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सामने आकर इस नजरअंदाजी के पीछे का पूरा सच बताया है।
वेंस बोले- ईरानी लोग उलझाने वाले बातचीत करने वाले थे
वायरल वीडियो और दावों के दौर पर जेडी वेंस ने इस पूरी घटना को हवा में उड़ाते हुए कहा कि मीडिया को सोशल मीडिया के दावों पर भरोसा नहीं करना चाहिए। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि मुझे उन लोगों के साथ बातचीत करने का अच्छा-खासा अनुभव है। कभी-कभी वे बहुत ही कन्फ्यूजिंग (उलझाने वाले) लगते हैं।
वेंस ने सोशल मीडिया पर चल रही बातचीत का हवाला देते हुऐए कहा कि सोशल मीडिया पर तूफान आ गया कि ईरानी बातचीत छोड़कर जा रहे हैं, लेकिन हकीकत यह है कि उस कैमरे वाले वाक्य के बाद हमने उनके साथ लगातार 9 घंटे तक बातचीत की।
इस 9 घंटे की बैठक से क्या निकला?
गौर करने वाली बात यह है कि भले ही कैमरे के सामने कड़वाहट दिखी हो, लेकिन मेज पर काम की बात हुई। वेंस के मुताबिक, इस लंबी बातचीत ने एक सफल फाइनल डील की मजबूत बुनियाद रख दी है।
वेंस के अनुसार इस लंबी बातचीत में होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अहम बातचीत हुई। वेंस ने बताया कि दुनिया के तेल व्यापार के लिए यह रास्ता बेहद जरूरी है। इसे खुला रखने के लिए दोनों देश एक सिस्टम बनाने पर सहमत हुए हैं। इसके अलावा दक्षिणी लेबनान में जारी युद्धविराम को बनाए रखने पर भी सकारात्मक चर्चा हुई।
आगे क्या होगा? 60 दिनों का ‘डेडलाइन’ वक्त
बता दें कि पिछले हफ्ते ही अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने को लेकर एक अंतरिम समझौता हुआ है। इसके तहत दोनों देशों को 60 दिनों का समय मिला है। इस दौरान ईरान के परमाणु कार्यक्रम और अन्य विवादित मुद्दों पर अंतिम फैसला होना है।
ट्रंप का रुख- समाधान की चाबी है सम्मान
अमेरिकी उपराष्ट्रपति तो स्विट्जरलैंड से रवाना हो चुके हैं, लेकिन दोनों देशों की तकनीकी टीमें अभी भी बारीकियों पर काम कर रही हैं। इधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस कोशिश की तारीफ की है। ट्रंप ने साफ कहा कि इस पूरे युद्ध और विवाद को सुलझाने की एकमात्र चाबी यही है कि ईरान अमेरिका को सम्मान दे।