क्या है ‘मीनाब 168’? ईरान ने शांतिवार्ता को यह नाम क्यों दिया, जानिए पूरी Inside Story…

स्विट्जरलैंड में रविवार को अमेरिका के साथ शांति वार्ता के लिए गए ईरानी प्रतिनिधिमंडल को मीनाब 168 नाम दिया गया है। 

ईरानी प्रेस टीवी के अनुसार ये नाम मीनाब स्कूल पर अमेरिकी-इजरायली टॉमहॉक मिसाइल हमले में मारी गई 168 स्कूली बच्चियों के सम्मान में दिया गया है। इस स्कूल पर 28 फरवरी को युद्ध के पहले ही दिन हमला हुआ था।

ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने 14-सूत्रीय सहमति पत्र (एमओयू) को लागू करने की दिशा में चल रही कोशिशों के तहत पाकिस्तानी पक्ष के साथ अलग से बातचीत की।

गौरतलब है कि इस एमओयू को इस्लामाबाद मेमोरैंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग नाम दिया गया है। इस पर पिछले हफ्ते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रंप, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और बतौर मध्यस्थ पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने डिजिटर हस्ताक्षर किए थे।

सहमति पत्र के फॉलोअप मेकेनिज्म पर बातचीत होगी- बघाई

रायटर्स के अनुसार, ईरानी विदेश मंत्रालय प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि अब इस सहमति पत्र पर आमने-सामने हस्ताक्षर नहीं होंगे, बल्कि आगे इसे लागू करने और फॉलोअप मेकेनिज्म पर बातचीत होगी।

उन्होंने कहा कि स्विट्जरलैंड में वार्ता केवल एक दिन के लिए प्रस्तावित है। इस दौरान दो बैठकें होंगी, जिसमें सुबह पाकिस्तान और कतर के प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत हुई, जबकि शाम को व्यापक मुद्दों पर अमेरिका के साथ मध्यस्थों की मौजूदगी में बातचीत होगी।

वार्ता में अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति वेंस के अलावा अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकाफ और सलाहकार जेरेड कुशनर शामिल हैं। वहीं, ईरानी प्रतिनिधिमंडल में गलीबाफ के साथ विदेश मंत्री अब्बास अराघची, अली बाघेरी कानी और सेंट्रल बैंक गवर्नर अब्दोलनासेर हेम्मती शामिल हैं।

वेंस बोले, ट्रंप नए अध्याय की शुरुआत चाहते हैं

न्यूयार्क टाइम्स के अनुसार, वेंस ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत में अच्छी प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ ज्यादा से ज्यादा दो दिन बातचीत हो सकती है। इस दौरान ईरान के परमाणु मुद्दे और लेबनान में युद्धविराम पर बातचीत होगी। उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान अब ऐसा भविष्य देख रहे हैं, जहां दोनों देश मिलकर शांति और समृद्धि के लिए काम कर सकें।

उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री मार्को रूबियो की टीम लेबनान में युद्धविराम के लिए प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि बातचीत का व्यापक उद्देश्य पश्चिम एशिया में स्थिरता बहाल करना है। वेंस ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ईरानी जनता के साथ संबंधों में ‘नई शुरुआत’ चाहते हैं।

ईरानी राष्ट्रपति बोले, बातचीत के नतीजे जल्द दिखेंगे

एएनआई के अनुसार, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा है कि अमेरिका के साथ हुए शुरुआती समझौते के तहत कतर में फंसे ईरान के छह अरब डॉलर वापस मिल जाएंगे। तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, पेजेश्कियान ने कहा कि एमओयू की सभी शर्तें ईरान के पक्ष में हैं और इन बातचीतों के नतीजे जल्द दिखाई देंगे।

उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने जिन चीजों पर पहले रोक लगाने की बात की थी, अब उन्हें ईरानी जनता के अधिकार के तौर पर स्वीकार कर लिया है। पेजेश्कियान ने कहा कि अमेरिका की मुख्य चिंता ईरान की परमाणु क्षमता है। अमेरिका केवल ये चाहता है कि हम परमाणु बम न बनाएं। इस पर हमारे बलिदानी सुप्रीम लीडर पहले ही कह चुके हैं कि हम ये हथियार नहीं चाहते।

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