Disha Shool: क्या है दिशाशूल? जानिए दिशाओं से जुड़े दोषों के कारण और उनसे बचने के प्रभावी उपाय…

प्रियंका प्रसाद (ज्योतिष सलाहकार): केवल व्हाट्सएप मेसेज 94064 20131

सनातन परंपरा में जिस प्रकार किसी भी कार्य में शुभता और सफलता की कामना लिए हुए मुहूर्त आदि देखा जाता है, उसी प्रकार किसी यात्रा अथवा कार्य विशेष को करने के लिए दिशाशूल के बारे में विचार होता है.

यह मुख्य रूप से किसी दिशा विशेष की ओर की जाने वाली यात्रा से संबंधित होता है. यदि आप इस कामना को लिए हुए अपने घर से निकल रहे हैं कि वह बगैर बाधा के मनचाहे तरीके से पूरा हो और आप उसमें मनचाह लाभ प्राप्त करके घर लौटें तो आपको दिशाशूल का विचार करना जरूरी हो जाता है.

आइए दिशाओं से संबंधित दोष और उससे जुड़े उपाय के बारे में विस्तार से जानते हैं.

किस दिन किस दिशा में होता दिशाशूल?

ज्योतिष के अलग-अलग दिनों में अलग-अलग दिशाओं से संबंधित दोष होते हैं. ऐसे में व्यक्ति को शुभता-अशुभता का ख्याल रखते हुए ही अपनी यात्रा की योजना बनाना चाहिए. आइए दिशाशूल के पूरे चार्ट को देखकर इसे समझने की कोशिश करते हैं. 

  • सोमवार और शनिवार : सप्ताह के इन दोनों दिनों में व्यक्ति को दिशाओं से संबंधित दोष से बचने के लिए पूर्व दिशा की ओर से यात्रा करने से बचना चाहिए. 
  • रविवार और शुक्रवार : ज्योतिष के अनुसार रविवार और शुक्रवार के दिन व्यक्ति को पश्चिम दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए. 
  • गुरुवार : ज्योतिष के अनुसार गुरुवार के दिन दक्षिण दिशा में दोष रहता है. ऐसे में दिशाशूल के दुष्प्रभाव से बचने के लिए इस ओर की जाने वाली यात्रा को टालना चाहिए. 
  • मंगलवार और बुधवार : मंगल और बुध इन दो दिनों में व्यक्ति को उत्तर दिशा से संंबंधित कार्य को टालना चाहिए क्योंकि इन दोनों दिन दिशाशूल के चलते काम में बाधा आने की आशंका बनी रहती है.
  • ज्योतिष के अनुसार गुरुवार के दिन अग्निकोण, शुक्रवार के दिन नैऋत्य कोण, मंगलवार के दिन वायव्य कोण और शनिवार के दिन ईशान कोण में दिशाशूल रहता है. 

दिशाशूल से बचने का उपाय

अगर आपको किसी दिन उस दिशा में जाना हो, जिस ओर दिशाशूल हो तो उससे संबंधित दोष से बचने के लिए आपको दिन के हिसाब से नीचे बताए गये सरल सनातनी उपाय करना चाहिए. 

  • रविवार के दिन दलिया और घी खाकर घर से निकलें. 
  • सोमवार के दिन आईना देखकर यात्रा प्रारंभ करें. 
  • मंगलवार के दिन दिशाशूल के दोष से बचने के लिए गुड़ खाकर यात्रा पर जाएं. 
  • बुधवार के दिन तिल और धनिया खाकर निकलने से दिशाशूल का प्रभाव नहीं रहता है. 
  • गुरुवार के दिन दही खाकर निकलने से दिशाशूल के दोष से बचाव होता है. 
  • शुक्रवार के दिन दिशाशूल से बचने के लिए जौ खाकर घर से निकलें. 
  • शनिवार के दिन दिशा से संबंधित दोष से बचने के लिए अदरक या उड़द की दाल खाकर घर से निकलें. 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. वार्ता 24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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