त्विषा शर्मा के शव का रविवार को मौत के 12 वें दिन भोपाल एम्स में दूसरी बार पोस्टमार्टम किया गया।
एम्स दिल्ली के विशेषज्ञ डाक्टरों के पांच सदस्यीय मेडिकल बोर्ड ने करीब तीन घंटे पोस्टमार्टम करने के बाद घटनास्थल की वीडियोग्राफी भी कराई।
शाम को शहर के भदभदा विश्राम घाट में त्विषा का अंतिम संस्कार किया गया। भाई हर्षित शर्मा ने चिता को मुखाग्नि दी।
अंतिम यात्रा में स्वजन के अलावा शहर के समाजसेवी और सेना के जवान शामिल हुए।
उल्लेखनीय है कि त्विषा की पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर मायके वालों ने सवाल उठाए थे। पिता की याचिका पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने दोबारा पोस्टमार्टम करने के निर्देश दिए थे।
पोस्टमार्टम पूरा होने के बाद डाक्टरों की टीम त्विषा की सास रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह के निवास पर पहुंची। यहां त्विषा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी।
टीम ने करीब 15 मिनट घटनास्थल का निरीक्षण किया। घर की छत, कमरों और आसपास के हिस्सों की बारीकी से जांच की। पूरे घटनास्थल की वीडियोग्राफी भी करवाई गई।
शव काफी हद तक हो गया था डीकंपोज
दिल्ली एम्स के फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के प्रमुख डा. सुधीर गुप्ता के नेतृत्व में विशेषज्ञों की टीम ने करीब 11.30 बजे पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की, जो दोपहर 2.30 बजे तक चली। इस दौरान शव की विस्तृत फोरेंसिक जांच की गई।
मौत 12 दिन पहले हुई थी। इस वजह से त्विषा का शव काफी हद तक डीकंपोज हो चुका था। ऐसे में पहचान करना मुश्किल हो रहा था। स्वजन ने शरीर पर बने बर्थ मार्क के आधार पर उसकी पहचान की।
आंसुओं, सिसकियों और सेना की सलामी के बीच अंतिम विदाई
भोपाल का भदभदा विश्राम घाट रविवार शाम एक ऐसे परिवार के टूटते दर्द का गवाह बना, जिसने 12 दिनों तक अपनी बेटी के अंतिम संस्कार का इंतजार किया। शाम 4:47 बजे त्विषा शर्मा का पार्थिव शरीर जैसे ही भदभदा घाट पहुंचा, वहां पसरा सन्नाटा चीखों और सिसकियों में बदल गया। मां अपनी बेटी का शव देखकर बेसुध हो गई। वह बार-बार उसका नाम लेकर पुकारती रही।
आसपास खड़े लोगों की आंखें भी नम हो गईं। घाट पर पहले से ही रिश्तेदार, परिचित, समाजसेवी मौजूद थे। इस दौरान सेना के जवानों ने त्विषा को सलामी देकर श्रद्धांजलि अर्पित की। शाम पांच बजे त्विषा के पार्थिव शरीर को अर्थी पर रखा गया। परिवार के लोग उसे आखिरी बार निहार रहे थे। मां बेटी के चेहरे से नजरें नहीं हटा पा रही थी। पिता खामोश खड़े थे, लेकिन आंखों में दर्द साफ दिखाई दे रहा था।
वहीं भाई हर्षित शर्मा, जिसने अपनी छोटी बहन को बेटी की तरह प्यार किया, खुद को संभालने की कोशिश कर रहा था। अंततः शाम 5:13 बजे कांपते हाथों और भारी मन से उसने अपनी बहन की चिता को मुखाग्नि दी। बता दें कि त्विषा शर्मा के ससुराल पक्ष से कोई भी सदस्य अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुआ।
समर्थ बोला- बेंगलुरु ट्रिप बनी विवाद की वजह
त्विषा के पति समर्थ सिंह से पुलिस पूछताछ कर रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपित का कहना है कि उसने 24 अप्रैल को बेंगलुरु जाने के लिए टिकट बुक कराया था। शुरुआत में त्विषा भी उसके साथ जाने के लिए तैयार थी, लेकिन बाद में उसने अचानक जाने से इन्कार कर दिया। इस पर दोनों में विवाद हुआ।
त्विषा ने उससे कहा था कि वह अपने भाई के पास अजमेर जाना चाहती है। इसी बात को लेकर भी दोनों के बीच बहस हुई। बाद में 24 अप्रैल को त्विषा ट्रेन से अजमेर के लिए रवाना हो गई, जबकि समर्थ अपने तय कार्यक्रम के अनुसार बेंगलुरु चला गया। बाद में उसे जानकारी मिली कि त्विषा अजमेर में केवल एक दिन ही रुकी। वहां से दिल्ली चली गई।
30 अप्रैल को त्विषा वापस भोपाल आ गई। एसीपी रजनीश कश्यप के अनुसार, पुलिस इन यात्राओं, दोनों के बीच विवाद और उस दौरान की काल डिटेल्स को भी जांच का हिस्सा बना रही है, ताकि मौत से पहले की परिस्थितियों को स्पष्ट किया जा सके।