पश्चिम एशिया में युद्ध रोकने के लिए अमेरिका की ओर से ईरान के समक्ष एक प्रस्ताव रखा गया है। साथ ही वह इस क्षेत्र में पैराट्रूपर्स और अतिरिक्त मरीन भी तैनात कर रहा है।
ईरान ने अमेरिकी प्रस्ताव ठुकरा दिया है और युद्ध रोकने के लिए पांच शर्तें रखी हैं। साथ ही उसने इजरायल और खाड़ी के अरब देशों पर मिसाइलों की बौछार जारी रखी है।
ईारन की 5 शर्तें
ईरान ने अमेरिका के सामने पांच शर्तें रखी हैं और उसका कहना है कि मिडिल ईस्ट में छिड़ा युद्ध अमेरिका की शर्तों पर नहीं, बल्कि ईरान की शर्तों पर ही समाप्त होगा।
- हमले और हत्या की घटनाएं बंद हों।
- सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म हो।
- दोबारा युद्ध ना हो, ठोस तंत्र बने।
- युद्ध नुकसान की भरपाई, मुआवजा तय हो।
- होर्मुज जलडमरूमध्य पर अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिले।
ईरान ने किया USS अब्राहम लिंकन पर हमला
ईरान ने कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट और अमेरिका के विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन पर भी मिसाइल से हमला किया। वहीं, इजरायल की ओर से भी ईरान पर हमले जारी हैं।
ईरान तक अमेरिका का 15 सूत्रीय प्रस्ताव पाकिस्तान के दो अधिकारियों ने पहुंचाया है। मध्यस्थता के इन प्रयासों में मिस्त्र के अधिकारी भी शामिल हैं। मिस्त्र के एक अधिकारी ने बताया कि ईरान को भेजा गया 15 सूत्रीय प्रस्ताव युद्धविराम तक पहुंचने की ‘एक पूरी डील’ है।
मिस्त्र और पाकिस्तान के अधिकारियों ने बताया कि मध्यस्थ ईरानियों और अमेरिकियों के बीच आमने-सामने की बातचीत करवाने की कोशिश कर रहे हैं। हो सकता है कि यह बातचीत शुक्रवार को पाकिस्तान में हो जाए।
युद्धविराम की बात से इजरायल हैरान
ट्रंप से ईरान के विरुद्ध युद्ध जारी रखने की वकालत कर रहे इजरायली अधिकारी संघर्ष-विराम योजना पेश किए जाने से हैरान हैं। वहीं, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से युद्धविराम वार्ता का समर्थन करने के प्रयासों पर बात की।