‘महाशक्तियों का अखाड़ा न बने पश्चिम एशिया’, चिनफिंग ने दिया ट्रंप को संदेश…

ईरान पर अमेरिका और इजरायल के संभावित नए हमलों की चर्चाओं के बीच चीन ने पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के प्रयास तेज कर दिए हैं। रायटर के अनुसार, चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने सोमवार को पहली आधिकारिक यात्रा पर चीन पहुंचे ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक अल-सैद से मुलाकात के बाद कहा कि पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र को बड़ी ताकतों की प्रतिद्वंद्विता का अखाड़ा नहीं बनना चाहिए।

उन्होंने क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए अरब देशों के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई। गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता में चीन गारंटर की भूमिका में आ रहा है। ऐसे में चिनफिंग का बयान ट्रंप के लिए बड़ा संदेश माना जा रहा है।

चीन के विदेश मंत्रालय के अनुसार, शांति की पहल को आगे बढ़ाने के लिए चीन के विशेष दूत झाई जून इसी महीने ईरान, ओमान और सऊदी अरब का दौरा भी करेंगे। बता दें कि वर्ष 1978 में चीन और ओमान के बीच राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद किसी ओमानी राष्ट्राध्यक्ष की यह पहली चीन यात्रा है।

चीन के विदेश मंत्रालय के अनुसार, शी ने कहा कि दुनिया बड़े बदलावों के दौर से गुजर रही है और क्षेत्रीय शांति बनाए रखने के लिए सभी पक्षों को मिलकर प्रयास करने होंगे। उन्होंने युद्ध रोकने और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों का समाधान निकालने में चीन की भूमिका निभाने की इच्छा भी जताई।

चीन और ओमान ने 20 बिंदुओं वाले संयुक्त बयान में होर्मुज स्ट्रेट से सामान्य और सुरक्षित आवाजाही बहाल करने की जरूरत पर सहमति जताई। दोनों देशों ने अमेरिका और ईरान से शांतिपूर्ण रास्ता अपनाने, संघर्ष खत्म करने के लिए जून में हुए समझौते पर लौटने और बातचीत फिर शुरू करने की अपील की। ईरान के उप सुरक्षा प्रमुख अली बाघेरी कानी ने भी चीन का दौरा किया। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने उनसे मुलाकात की और ईरान की संप्रभुता और सुरक्षा का समर्थन करते हुए सभी पक्षों से राजनीतिक समाधान तलाशने की अपील की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *