पश्चिम एशिया संकट: पीएम मोदी ने कतर के अमीर से की बातचीत, ऊर्जा ढांचे पर हमलों की कड़ी निंदा…

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अमेरिका-इजरायल-ईरान के बीच युद्ध जैसी स्थितियों के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कतर के अमीर, शेख तमीम बिन हमद अल थानी से टेलीफोन पर बातचीत की।

इस दौरान पीएम मोदी ने क्षेत्र में शांति की अपील करते हुए हालिया हमलों पर भारत का रुख स्पष्ट किया।

ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमलों की निंदा

प्रधानमंत्री मोदी ने क्षेत्र के महत्वपूर्ण ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की।

उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह के हमले न केवल क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा हैं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को भी बाधित कर सकते हैं। पीएम मोदी ने कतर के अमीर को भरोसा दिलाया कि भारत संकट की इस घड़ी में कतर के साथ एकजुटता से खड़ा है।

होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित नौवहन पर जोर

युद्ध के बढ़ते खतरों के बीच, पीएम मोदी ने समुद्री सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि हम होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित और निर्बाध नौवहन के पक्षधर हैं।

बता दें कि वैश्विक तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है, और तनाव के कारण इसके बाधित होने की आशंका बनी हुई है।

भारतीय समुदाय की सुरक्षा के लिए आभार

प्रधानमंत्री ने कतर में रह रहे भारतीय समुदाय की भलाई के लिए वहां की सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने अमीर को धन्यवाद देते हुए कहा कि भारतीय नागरिकों को दी गई देखभाल और समर्थन के लिए वे उनके आभारी हैं।

शांति और स्थिरता की कामना

बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने कतर के अमीर और वहां की जनता को ‘ईद’ की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने क्षेत्र में जल्द से जल्द शांति और स्थिरता बहाल होने की कामना की, ताकि युद्ध की विभीषिका को टाला जा सके।

इजरायली विदेश मंत्री ने जयशंकर को पश्चिम एशिया संघर्ष के बारे में दी जानकारी

इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने गुरुवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की और उन्हें पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बारे में जानकारी दी। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, हम दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत के साथ अपनी विशेष रणनीतिक साझेदारी को महत्व देते हैं।

सार ने बताया कि उन्होंने भारतीय मंत्री को ईरान के खिलाफ इजरायली अभियान से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि ईरानी शासन होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री आतंकवाद को अंजाम दे रहा है। यह कोई अमेरिकी या इजरायली मुद्दा नहीं है, यह एक मूलभूत समस्या है जो विश्व व्यवस्था और वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित करती है। यदि इस गंभीर समस्या का समाधान अभी नहीं किया गया, तो यह विश्व भर में फैल सकती है।

सार ने कहा कि उन्होंने मध्य पूर्व, काकेशस और यूरोप में ईरानी शासन द्वारा अन्य देशों के प्रति की जा रही आक्रामकता पर भी बात की। उन्होंने कहा कि ईरानी शासन पागलपन भरी हरकतें कर रहा है।

अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले किए
पश्चिम एशिया में संघर्ष 28 फरवरी को शुरू हुआ जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले किए, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और कई शीर्ष कमांडरों की हत्या कर दी गई।

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