ईरान युद्ध का भारत के पांच अरब डालर के पैकेज्ड पानी बाजार पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।
दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते बोतलबंद पानी के बाजार में से एक में कुछ निर्माता डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए कीमतें बढ़ा रहे हैं।
इसका कारण यह है कि युद्ध के चलते आपूर्ति में रुकावट से प्लास्टिक की बोतलों से लेकर कैप, लेबल और कार्डबोर्ड बॉक्स तक हर चीज की कीमतें बढ़ रही हैं।
हालांकि रिटेल कीमतों पर अभी असर नहीं पड़ा है और बड़ी कंपनियां इस परेशानी को झेल रही हैं।
फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन के मुताबिक, बोतलबंद पानी बनाने वाली करीब 2,000 छोटी कंपनियों ने अपने रीसेलर्स के लिए रेट लगभग एक रुपये प्रति बोतल बढ़ा दिए हैं, जो 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।
आने वाले दिनों में इसमें 10 प्रतिशत की वृद्धि और होगी।
ग्राहक आमतौर पर एक लीटर की बोतल के लिए 20 रुपये से कम राशि देते हैं। फेडरेशन के महासचिव अपूर्व दोशी ने कहा कि अफरा-तफरी मची हुई है और अगले 4-5 दिनों में इसका असर ग्राहक कीमतों पर पड़ने लगेगा।
तेल की बढ़ती कीमतों ने पालीमर की कीमत बढ़ा दी है, जो कच्चे तेल से बनता है और उद्योग की प्लास्टिक बोतलों के लिए एक जरूरी पदार्थ है।
प्लास्टिक की बोतलें बनाने में इस्तेमाल होने वाले पदार्थों की कीमत 50 प्रतिशत बढ़कर 170 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है, जबकि ढक्कन की कीमत दोगुना से ज्यादा बढ़कर 0.45 रुपये प्रति बोतल हो गई है।