‘बहुत जल्द खत्म हो सकता है युद्ध’, मिडटर्म चुनाव से पहले ट्रंप ने ईरान पर बढ़ाया दबाव; नए हमलों से भी नहीं किया इनकार…

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप मिडटर्म चुनाव से पहले ईरान पर नए अमेरिकी सैन्य हमलों की संभावना से इनकार नहीं किया है। हालांकि, उन्होंने यह भी दावा किया कि यह टकराव जल्द ही खत्म हो जाएगा और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में तेल की कीमतें तेजी से गिरेंगी।

रविवार को जब उनसे पूछा गया कि क्या चुनाव से पहले सैन्य हमले हो सकते हैं, तो ट्रंप ने फॉक्स न्यूज़ से कहा, मैं ऐसा नहीं कहना चाहता। मेरा मतलब है, यह संभव है, लेकिन मैं बस ऐसा कहना नहीं चाहता।

‘दोनों मोर्चों पर जीत रहा अमेरिका’

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका सैन्य कार्रवाई और तेहरान को अलग-थलग करने के लिए चलाए जा रहे अपने आर्थिक अभियान के ज़रिए जीत हासिल कर रहा है। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि हम दोनों तरह से जीतेंगे। सैन्य नज़रिए से तो हम पहले ही जीत चुके हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हमने अपनी कार्रवाई रोक दी है।”

राष्ट्रपति ने दावा किया कि इस टकराव से ईरान की अर्थव्यवस्था और सेना बुरी तरह कमज़ोर हो चुकी है। उन्होंने कहा, “हम निश्चित रूप से बहुत बड़ी जीत हासिल कर रहे हैं। अगर आप उनकी अर्थव्यवस्था को देखें, तो वह खत्म हो चुकी है।”

युद्ध खत्म होते ही घटेंगी तेल की कीमतें

ट्रंप ने युद्ध के जल्द खत्म होने का अनुमान लगाते हुए इसे तेल की कीमतों में आने वाली गिरावट से जोड़ा। PGA टूर प्रेसिडेंट्स कप के दौरान उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि हम यह युद्ध बहुत जल्द जीत लेंगे, और जैसे ही हम इसे जीतेंगे, तेल की कीमतें गिरकर उसी स्तर पर आ जाएंगी जैसी युद्ध से पहले थीं। सबसे अहम बात यह है कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होगा।

व्हाइट हाउस में इलिनोइस रवाना होने से पहले पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने दोहराया, जैसे ही ईरान हार मान लेगा और युद्ध खत्म होगा, जो बहुत जल्द होने वाला है, तेल की कीमतें तेजी से नीचे आ जाएंगी।

होर्मुज से रिकॉर्ड तेल परिवहन

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि रात भर में होर्मुज स्ट्रेट से रिकॉर्ड मात्रा में तेल ले जाया गया। उन्होंने कहा, हम भारी मात्रा में तेल बाहर निकाल रहे हैं। कल रात हमने उस स्ट्रेट से रिकॉर्ड मात्रा में तेल निकाला, जो युद्ध शुरू होने से पहले निकाले जाने वाले तेल से भी ज्यादा था।

ईरान का नया प्रस्ताव मंजूर नहीं

राष्ट्रपति ट्रंप ने उम्मीद जताई कि इस हफ्ते ईरान के साथ और बातचीत हो सकती है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि तेहरान का ताजा प्रस्ताव वॉशिंगटन की शर्तों को पूरा नहीं करता। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, वे समझौता करना चाहते हैं, लेकिन यह वह समझौता नहीं है जो मैं करना चाहता हूं। यह वही समझौता है जिसे हम शायद एक साल पहले मान लेते। उन्होंने अपनी स्थिति का गलत आकलन किया।

यह पूछे जाने पर कि क्या वह हमले फिर से शुरू करने पर विचार कर रहे हैं, ट्रंप ने कहा, मैं हमेशा इसके बारे में सोचता रहता हूं।

ईरानी राष्ट्रपति ने साफ किया रुख

दूसरी ओर, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा कि तेहरान बातचीत में शामिल है और अपने परमाणु कार्यक्रम की सीमाओं पर चर्चा करने के लिए तैयार है। CBS के फेस द नेशन कार्यक्रम में उन्होंने कहा, हम अभी भी बातचीत में शामिल हैं और अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में अपनी मांगें रख रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि ईरान अंतरराष्ट्रीय परमाणु निरीक्षकों को पहुंच देने पर बातचीत के लिए तैयार है, बशर्ते वॉशिंगटन यह आश्वासन दे कि वह सरकार बदलने की कोशिश नहीं कर रहा है।

पेजेशकियान ने साफ किया, हम लड़ना नहीं चाहते, लेकिन अगर वे हम पर हमला करते हैं, तो हम निश्चित रूप से अपना बचाव करेंगे।

वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा, हम युद्ध फिर से शुरू होने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हम किसी भी नए हमले का डटकर सामना करेंगे, भले ही बात विनाशकारी युद्ध तक पहुंच जाए। साथ ही, हम कूटनीति के लिए भी तैयार हैं। अब यह तय करना राष्ट्रपति ट्रंप पर निर्भर है।

गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक पेट्रोलियम और लिक्विफाइड नेचुरल गैस की आवाजाही के लिए दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण मार्ग है। इसमें किसी भी तरह की लंबी रुकावट से पूरे एशिया में ऊर्जा की कीमतों, माल ढुलाई शुल्क और बीमा लागतों में भारी बढ़ोतरी हो सकती है।

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