दो साल से जारी हमास और इजरायल का युद्ध अब अंतिम दौर में है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान कर दिया है कि दोनों ही पक्षों ने शांति समझौते के पहले चरण पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।
इसके तहत जल्द ही इजरायली बंधकों को छोड़ा जाएगा। वहीं, इजरायल की सेना भी कुछ पीछे हटेगी। 7 अक्तूबर 2023 को फिलिस्तीनी समूह हमास के इजरायल में हमले के बाद से ही खूनी संघर्ष जारी है, जिसमें 50 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
ट्रंप ने लिखा, ‘मुझे यह ऐलान करते हुए बहुत गर्व हो रहा है कि इजरायल और हमास दोनों ने हमारे पीस प्लान के पहले चरण पर साइन कर दिए हैं। इसका मतलब है कि मजबूत, टिकाऊ शांति के लिए पहले कदम के तौर पर सभी बंधकों को जल्द रिहा किया जाएगा और इजरायल पहले से तय हुई एक सीमा तक अपने सैनिकों को हटा लेगा। सभी पक्षों के साथ निष्पक्षता से व्यवहार किया जाएगा।’
उन्होंने आगे लिखा, ‘यह अरब और मुस्लिम जगत, इजरायल, आसपास के सभी देशों और अमेरिका के लिए बहुत बड़ा दिन है। हम कतर, मिस्र और तुर्कि के मध्यस्थों का धन्यवाद करते हैं, जिन्होंने इस ऐतिहासिक और अभूतपूर्व चीज को संभव किया।’
गाजा युद्ध समाप्त करने के लिए यह है ट्रंप की योजना
(1) गाजा को कट्टरपंथ से मुक्त और आतंकवाद-मुक्त क्षेत्र बनाया जाएगा, जो अपने पड़ोसियों के लिए कोई खतरा नहीं होगा।
(2) गाजा का पुनर्निर्माण वहां के नागरिकों के हित में किया जाएगा, जिन्होंने लंबे समय से पीड़ा सही है।
(3) दोनों पक्षों की सहमति पर युद्ध तत्काल समाप्त होगा; इजरायली सेना पीछे हटेगी और बंधकों की रिहाई की तैयारी की जाएगी। इस दौरान सभी सैन्य गतिविधियां स्थगित रहेंगी।
(4) इजरायल द्वारा समझौता सार्वजनिक रूप से स्वीकार किए जाने के 72 घंटे के भीतर सभी बंधकों — जीवित और मृत — को वापस किया जाएगा।
(5) सभी बंधकों की रिहाई के बाद, इजरायल आजीवन कारावास की सजा काट रहे 250 कैदियों और 1,700 गाजा वासियों को रिहा करेगा, जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल होंगे। मृत इजरायली बंधकों के बदले मृत गाजावासियों के शव भी लौटाए जाएंगे। प्रत्येक इजरायली बंधक के अवशेष की रिहाई के बदले, इजरायल 15 मृत गाजावासियों के अवशेष जारी करेगा।
(6) जो हमास सदस्य शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व को स्वीकार करेंगे और अपने हथियार त्यागेंगे, उन्हें माफी दी जाएगी। जो सदस्य गाजा छोड़ना चाहेंगे, उन्हें सुरक्षित निकासी दी जाएगी।
(7) समझौते के तहत गाजा में तुरंत पूर्ण मानवीय सहायता भेजी जाएगी, जिसमें आधारभूत ढांचे का पुनर्निर्माण भी शामिल होगा।
(8) सहायता का वितरण संयुक्त राष्ट्र, रेड क्रीसेंट और अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की निगरानी में होगा। राफा क्रॉसिंग को खोलने का निर्णय 19 जनवरी 2025 के समझौते के तहत तय तंत्र के अनुसार होगा।
(9) गाजा का प्रशासन एक अस्थायी, तकनीकी और गैर-राजनीतिक फिलिस्तीनी समिति को सौंपा जाएगा, जिसकी निगरानी “बोर्ड ऑफ पीस” करेगा। इस निकाय के अध्यक्ष राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप होंगे और इसमें पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर सहित अन्य वैश्विक नेता सदस्य बनाए जाएंगे।
(10) गाजा के पुनर्निर्माण और आर्थिक विकास के लिए एक विशेष योजना बनाई जाएगी, जिसमें पश्चिम एशिया की आधुनिक शहर परियोजनाओं में योगदान देने वाले विशेषज्ञ शामिल होंगे।
(11) एक विशेष आर्थिक क्षेत्र की स्थापना की जाएगी जिसमें व्यापारिक रियायतें और विशेष शुल्क दरें निर्धारित की जाएंगी।
(12) किसी को गाजा छोड़ने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा, और जो लोग जाना या लौटना चाहें, उन्हें स्वतंत्रता दी जाएगी।
(13) हमास और अन्य गुटों को गाजा के शासन में किसी भी प्रकार की भागीदारी की अनुमति नहीं होगी। पूरे क्षेत्र का पूर्ण निरस्त्रीकरण स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों की निगरानी में किया जाएगा।
(14) क्षेत्रीय साझेदार गारंटी देंगे कि हमास और अन्य गुट इस समझौते का उल्लंघन नहीं करेंगे और गाजा किसी के लिए खतरा नहीं बनेगा।
(15) अमेरिका, अरब देशों और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर गाजा में एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल (आईएसएफ) तैनात करेगा, जो स्थानीय फिलिस्तीनी पुलिस बलों को प्रशिक्षित करेगा और सुरक्षा बनाए रखेगा।
(16) इजरायल गाजा पर कब्ज़ा नहीं करेगा और न ही उसे अपना हिस्सा बनाएगा। आईएसएफ द्वारा स्थिरता सुनिश्चित किए जाने के बाद, इजरायली रक्षा बल (आईडीएफ) चरणबद्ध रूप से क्षेत्र से हटेंगे, सिवाय उन सीमावर्ती इलाकों के जो अंतिम सुरक्षा सुनिश्चित होने तक नियंत्रण में रहेंगे।
(17) यदि हमास इस प्रस्ताव को अस्वीकार करता है, तो सहायता और अन्य उपाय उन क्षेत्रों में लागू किए जाएंगे जिन्हें आईडीएफ ने आईएसएफ को सौंप दिया है।
(18) शांति, सह-अस्तित्व और सहिष्णुता पर आधारित एक अंतरधार्मिक संवाद प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
(19) यदि गाजा का पुनर्विकास सफलतापूर्वक होता है और फिलिस्तीनी प्राधिकरण अपने सुधार कार्यक्रमों को लागू करता है, तो फिलिस्तीनी आत्म-निर्णय और राज्य की ओर एक विश्वसनीय मार्ग प्रशस्त हो सकता है।
(20) अमेरिका, इजरायल और फिलिस्तीनियों के बीच एक राजनीतिक संवाद की शुरुआत करेगा, जिससे शांतिपूर्ण और समृद्ध सह-अस्तित्व की दिशा में रास्ता खोला जा सके।