प्रियंका प्रसाद (ज्योतिष सलाहकार): केवल व्हाट्सएप मेसेज 94064 20131
विवाह पंचमी के दिन मुख्य रूप से भगवान राम और माता सीता की पूजा-अर्चना की जाती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, त्रेता युग में मार्गशीर्ष माह की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर ही भगवान श्रीराम और माता सीता का विवाह हुआ था।
अगर आप इस दिन पर ये 5 कार्य करते हैं, तो इससे जीवनभर आपको शुभ परिणाम मिल सकते हैं।
1. जरूर करें व्रत
विवाह पंचमी के दिन व्रत करने का विशेष महत्व माना गया है। इस व्रत को करने से साधक को भगवान श्रीराम सहित माता सीता की भी कृपा की प्राप्ति होती है। जिससे जीवन में सब कुछ मंगल होता है। इसके साथ ही घर-परिवार में सुख-शांति का माहौल बना रहता है।
2. अर्पित करें ये चीजें
विवाह पंचमी के दिन आप विधि-विधान से भगवान श्री राम और माता जानकी की पूजा करें।
इस दिन पूजा के दौरान माता जानकी को सुहाग की सामग्री जैसे सिंदूर, बिधिया व लाल चुनरा आदि जरूर अर्पित करनी चाहिए। इससे सुहागिन महिलाओं को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है।
3. करें ये पाठ
विवाह पंचमी पर तुलसीदास जी द्वारा रचित श्री रामचरितमानस की सिद्ध चौपाइयों का जप जरूर करना चाहिए।
इसके साथ ही इस दिन पर पूजा के दौरान आपको भगवान श्रीराम व माता सीता की चालीसा का पाठ करने से भी शुभ फलों की प्राप्ति हो सकती है।
4. इस दान से होगा लाभ
विवाह पंचमी के दिन दान आदि करना भी बहुत पुण्य का काम माना गया है। ऐसे में आप इस दिन अपनी क्षमता के अनुसार किसी जरुरतमंद व गरीब व्यक्ति को अन्न या धन का दान कर सकते हैं। इसके साथ ही विवाह पंचमी के दिन मंदिर आदि में दान करना भी अत्यंत फलदायी माना गया है।
5. इन मंत्रों के जप से होगा लाभ
- ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री रामाय नमः
- ॐ सीतायै नमः
- श्री सीता-रामाय नमः।।
- राम गायत्री मंत्र – ॐ दशरथाय विद्महे, सीता वल्लभाय धीमहि, तन्नो राम प्रचोदयात्।
- सीता गायत्री मंत्र – ॐ जनकनंदिन्यै विद्महे भूमिजायै धीमहि तन्नो सीता प्रचोदयात्।।