धार्मिक नगरी चित्रकूट में शुक्रवार रात सरकारी आवास की बिजली बंद होने से नाराज न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी रामावतार पटेल ने पूरे शहर की बिजली बंद करा दी।
लाइनमैन ने बताया कि अपने सुरक्षा गार्डों के साथ पहुंचे मजिस्ट्रेट ने बिजली कर्मचारियों के साथ अभद्रता व मारपीट भी की।
घटना के बाद आक्रोशित नागरिकों ने बिजली कार्यालय में जमकर नारेबाजी की। बिजली अमले ने जब मजिस्ट्रेट के सरकारी आवास की बिजली ठीक की, तब पूरे शहर को रोशनी नसीब हो पाई।
अधीक्षण अभियंता प्रवीण वर्मा ने बताया कि गुरुवार की रात आंधी के कारण मझगवां से आने वाले 33 केवी के दो फीडर ठप हो गए। फाल्ट ठीक करने के बाद शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे मुख्य सप्लाई चालू हो पाई।
देर शाम तक सार्वजनिक शिकायतें सुलझा ली गई थीं। हालांकि, कुछ घरेलू शिकायतों का निराकरण होना शेष था। रात करीब नौ बजे जज खुद रजौला सब स्टेशन पहुंच गए। उन्होंने पूछा कि 19 घंटे बीतने के बाद भी घर की बिजली क्यों नहीं सुधारी।
इसके बाद उन्होंने अभद्रता करते हुए ऑपरेटर पंकज सेन के साथ मारपीट की और पूरे शहर की बिजली बंद करा दी। इस दौरान जज खुद सब स्टेशन में बैठ गए और दो सुरक्षा गार्डों को बाहर तैनात कर दिया। डरा-सहमा अमला उनके सरकारी आवास की ओर दौड़ा।
चित्रकूट अंधेरे में डूब गया तो करीब 50-60 उपभोक्ता सब स्टेशन पहुंच गए। उन्हें जब शहर की बिजली बंद होने का कारण पता चला तो वह हंगामा करने लगे। सूचना पर नायब तहसीलदार कमलेश सिंह पुलिस बल के साथ बिजली कार्यालय पहुंचे। इसके बाद मामला शांत कराया।
जेई प्रवीण वर्मा और ऑपरेटर पंकज सेन के साथ उपभोक्ता थाने पहुंचे। ऑपरेटर ने लिखित शिकायत दर्ज कराई है। टीआई गिरिजा शंकर वाजपेयी ने बताया कि शिकायत मिली है। अभी प्रकरण दर्ज नहीं हुआ है।