महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को कहा कि राज्य के निवासियों को मराठी सीखने का प्रयास करना चाहिए, लेकिन भाषा के नाम पर हिंसा अस्वीकार्य है।
फडणवीस महाराष्ट्र दिवस के अवसर पर हुतात्मा चौक पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे।
इस अवसर पर मुंबई की मेयर रितु तावड़े भी उपस्थित थीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र कभी इतना संकीर्ण मानसिकता वाला नहीं रहा कि यह कहे कि राज्य के बाहर के लोग यहां नहीं रह सकते।उन्होंने कहा, ‘भाषा की बात करें तो, अपनी भाषा पर गर्व होना जरूरी है।
मराठी भाषा पर गर्व होना चाहिए। महाराष्ट्र में रहने वाले हर व्यक्ति को मराठी सीखने का प्रयास करना चाहिए। अगर उन्होंने नहीं सीखी है, तो हम उन्हें सिखाएंगे।’
उनका यह बयान राज्य सरकार के उस निर्देश के बीच आया है, जिसमें आटो रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी को अनिवार्य करने की बात कही गई है।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र देश का विकास केंद्र और शक्ति का स्त्रोत है। महाराष्ट्र, जो भक्ति आंदोलन का साक्षी रहा एक सुधारवादी राज्य है, देश को दिशा भी प्रदान करता है।