वीडियो: होर्मुज में ईरानी झंडे वाले जहाज पर US नेवी की कार्रवाई, गोलीबारी के बाद किया जब्त…

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी नौसेना ने ओमान की खाड़ी में ईरानी झंडे वाले एक मालवाहक जहाज को रोककर उस पर कब्जा कर लिया। यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य के पास चल रही अमेरिकी नाकेबंदी के दौरान पहली बड़ी जब्ती मानी जा रही है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा कि ‘टूस्का’ नाम के इस जहाज को चेतावनी देने के बावजूद नहीं रुकने पर जब्त किया गया। वहीं, ईरान ने इस कार्रवाई को युद्धविराम का उल्लंघन बताते हुए इसे ‘डकैती’ करार दिया है और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

इस घटना के बाद ईरान ने इस्लामाबाद में प्रस्तावित अमेरिका के साथ दूसरे दौर की शांति वार्ता में शामिल होने से भी इनकार कर दिया है।

अमेरिका ने क्या कहा?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, मिसाइल से लैस युद्धपोत यूएसएस स्प्रुएंस ने उत्तरी अरब सागर में इस जहाज को रोका, जो ईरान के बंदर अब्बास की ओर जा रहा था। अमेरिका का दावा है कि जहाज को कई बार चेतावनी दी गई, लेकिन उसने आदेश नहीं माना।

करीब छह घंटे तक चेतावनी देने के बाद अमेरिकी युद्धपोत ने जहाज के इंजन रूम को निशाना बनाकर गोलीबारी की, जिससे उसकी गति रुक गई। इसके बाद अमेरिकी मरीन कमांडो ने जहाज पर चढ़कर उसे अपने कब्जे में ले लिया।

अमेरिका ने कहा कि यह जहाज पहले से ही प्रतिबंधों के दायरे में था और अब इसकी जांच की जा रही है कि इसमें क्या सामान मौजूद है।

होर्मुज पर बढ़ा संकट

इस घटना के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थिति और तनावपूर्ण हो गई है। यह समुद्री मार्ग दुनिया की तेल आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा संभालता है। फिलहाल यहां जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।

ईरान ने पहले जहाजों को गुजरने की अनुमति दी थी, लेकिन बाद में अचानक लगभग सभी आवाजाही रोक दी। इससे वैश्विक व्यापार और तेल सप्लाई पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।

इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर जल्द समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका उसके पावर प्लांट और पुलों को निशाना बना सकता है। वहीं, ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम और अन्य मांगों पर झुकने से साफ इनकार कर दिया है।

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