उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने रविवार को कहा कि दुनिया संघर्षों, मानवीय संकटों और प्राकृतिक आपदाओं का सामना कर रही है। इन चुनौतियों से निपटने के लिए मानवता को तकनीकी उन्नति से अधिक करुणा की आवश्यकता है।
राधाकृष्णन, माता अमृतानंदमयी की 73वीं जन्मतिथि के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
केरलम के कोल्लम जिले में माता अमृतानंदमयी की जन्मतिथि ‘विश्वास सेवा दिनम’ के रूप में मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में केरलम के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, मुख्यमंत्री वीडी सतीशन, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू और केंद्रीय पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस एवं पर्यटन राज्यमंत्री सुरेश गोपी भी शामिल हुए।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि देश जब ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा है, तब विकास के लिए बुनियादी ढांचे, प्रौद्योगिकी, निवेश, नवाचार और आर्थिक विकास की आवश्यकता है। इसके अलावा विकास में मानवीय संवेदना और मानवीय स्पर्श भी होना चाहिए।