प्रियंका प्रसाद (ज्योतिष सलाहकार): केवल व्हाट्सएप मेसेज 94064 20131
घर में प्रवेश करते ही अगर आपको भारीपन महसूस होता है या अक्सर बिना वजह तनाव बना रहता है, तो यह संकेत है कि आपके आशियाने में नकारात्मक ऊर्जा का वास हो गया है।
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की ऊर्जा हमारे मानसिक और आर्थिक जीवन पर सीधा असर डालती है।
घर में नकारात्मकता और भारीपन: क्यों और कैसे?
अक्सर हम घर की साफ-सफाई तो करते हैं, लेकिन अनजाने में कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जिससे घर का ‘ऑरा’ (Aura) प्रभावित होता है।
वास्तु शास्त्र के सिद्धांतों के अनुसार, ऊर्जा का प्रवाह अगर सही न हो, तो व्यक्ति को घर के अंदर दम घुटने जैसा महसूस हो सकता है।
भारीपन की मुख्य वजह
कबाड़ और पुरानी चीजें: घर की छत या सीढ़ियों के नीचे पुराना कबाड़ जमा करना भारीपन का सबसे बड़ा कारण है।
वास्तु विशेषज्ञों के मुताबिक, जो चीजें उपयोग में नहीं हैं, वे राहु का प्रतीक बन जाती हैं और मानसिक तनाव पैदा करती हैं।
बंद घड़ियां और टूटे शीशे: प्राचीन वास्तु ग्रंथों में उल्लेख मिलता है कि रुकी हुई घड़ियां समय की प्रगति को रोकती हैं और टूटे हुए शीशे घर की पॉजिटिव एनर्जी को टुकड़ों में बांट देते हैं।
हवा और रोशनी की कमी: जिस घर में सूरज की रोशनी और ताजी हवा का प्रवेश कम होता है, वहां नकारात्मक ऊर्जा जल्दी घर बना लेती है।
नकारात्मक ऊर्जा दूर करने के अचूक उपाय
अगर आप भी घर में भारीपन महसूस करते हैं, तो विद्वानों द्वारा सुझाए गए ये उपाय काफी मददगार साबित हो सकते हैं:
नमक के पानी का पोंछा: धार्मिक मान्यताओं और वास्तु नियमों के अनुसार, पोंछे के पानी में समुद्री नमक (सी-सॉल्ट) मिलाकर घर साफ करने से सूक्ष्म नकारात्मक शक्तियाँ नष्ट हो जाती हैं।
कपूर का धुंआ: शाम के समय भीमसेनी कपूर और लौंग जलाने से घर की हवा शुद्ध होती है और भारीपन दूर होता है।
मुख्य द्वार की सफाई: वास्तु शास्त्र के जानकारों का कहना है कि घर का मुख्य द्वार ही खुशियों का रास्ता है। वहां गंदगी या चप्पल-जूतों का ढेर होने से लक्ष्मी जी का प्रवेश रुक जाता है।