अमेरिकी नौसेना की ताकत में एक और बड़ा इजाफा हुआ है। बोस्टन हार्बर में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान ‘USS मैसाचुसेट्स’ (SSN 798) को आधिकारिक तौर पर नौसेना के बेड़े में शामिल कर लिया गया।
यह ‘वर्जीनिया क्लास’ की 25वीं घातक पनडुब्बी है, जिसे आधुनिक युद्ध की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। खास बात यह है कि यह पहली पनडुब्बी है जिसका नाम मैसाचुसेट्स राज्य के सम्मान में रखा गया है।
क्या है यूएसएस मैसाचुसेट्स?
USS मैसाचुसेट्स एक ‘फास्ट अटैक’ न्यूक्लियर सबमरीन है, जो अपनी रफ़्तार और खामोशी के लिए जानी जाती है। यह दुश्मन की नजरों में आए बिना महीनों तक पानी के नीचे रह सकती है। इसकी डिजाइनिंग इस तरह की गई है कि यह उथले तटीय इलाकों से लेकर गहरे समुद्र तक, हर जगह अपनी मारक क्षमता का लोहा मनवा सकती है।
बेजोड़ मारक क्षमता से लैस
तकनीकी रूप से यह पनडुब्बी बेहद उन्नत है। इसकी कुल लंबाई 377 फीट है, लेकिन वर्जीनिया पेलोड मॉड्यूल (VPM) के साथ इसकी लंबाई 461 फीट तक बढ़ जाती है। यह 800 फीट से अधिक की गहराई तक गोता लगा सकती है और इसकी रफ्तार 25 नॉट्स (लगभग 46 किलोमीटर प्रति घंटा) से भी ज्यादा है।
इसके अंदर एक न्यूक्लियर रिएक्टर लगा है, जो इसे असीमित ऊर्जा प्रदान करता है, जिससे इसे ईंधन भरने के लिए बार-बार सतह पर आने की जरूरत नहीं पड़ती।
हथियारों की बात करें तो USS मैसाचुसेट्स किसी चलते-फिरते किले से कम नहीं है। यह 24 टॉमहॉक क्रूज मिसाइलों से लैस है, जो सटीक निशाना लगाकर दुश्मन के ठिकानों को तबाह करने में सक्षम हैं। इसके अलावा, इसमें Mk 48 एडवांस्ड टॉरपीडो और 4 टॉरपीडो ट्यूब्स दी गई हैं, जो समुद्री युद्ध में इसे सबसे खतरनाक शिकारी बनाती हैं।
पिछली पीढ़ियों से कितनी अलग है यह पनडुब्बी?
नौसेना के बेड़े में शामिल पिछली श्रेणियों जैसे ‘लॉस एंजिल्स क्लास’ और ‘सीवॉल्फ क्लास’ की तुलना में वर्जीनिया क्लास काफी बेहतर है।
जहां लॉस एंजिल्स क्लास एक भरोसेमंद बैकबोन रही है, वहीं वर्जीनिया क्लास में लॉस एंजिल्स की बहुमुखी प्रतिभा और सीवॉल्फ की ‘स्टेल्थ’ (छिपने की) तकनीक का बेहतरीन मिश्रण किया गया है।
यह न केवल गहरे समुद्र में चुपचाप काम करती है, बल्कि स्पेशल ऑपरेशंस फोर्स (SOF) के लिए भी विशेष सहायता प्रदान करती है।
इस पनडुब्बी में 145 क्रू मेंबर्स की जगह है, जिनमें 17 अधिकारी और 128 लिस्टेड कर्मी शामिल हैं। आधुनिकता का एक और उदाहरण इसकी क्रू संरचना में दिखता है, जिसमें लगभग 25 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं।
अपनी ‘मॉड्यूलर डिजाइन’ के कारण इसे भविष्य की नई तकनीकों और हथियारों के अनुसार आसानी से अपडेट किया जा सकता है, जिससे यह आने वाले कई दशकों तक प्रासंगिक बनी रहेगी।