अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने अवैध रूप से रह रहे प्रवासियों को देश से बाहर निकालने (डिपोर्टेशन) का एक बहुत बड़ा अभियान शुरू किया है।
इस सख्त नीति की वजह से अमेरिका में बिना कानूनी दस्तावेजों के रह रहे करीब 18,000 भारतीय सीधे निशाने पर आ गए हैं। इस नए अभियान के तहत अमेरिकी जांच एजेंसी इमिग्रेशन कस्टम्स एंड एनफोर्समेंट (ICE) की टीमें लगातार छापे मार रही हैं।
अहम बात है कि इस बार नियम इतने सख्त हैं कि पकड़े गए प्रवासियों को कोर्ट में अपील करने का मौका नहीं मिल रहा है। अपनी बात रखने (दलील देने) की अनुमति नहीं है।
यहां तक कि वकील करने का अधिकार भी नहीं दिया जा रहा है। पकड़े गए लोगों को सीधे डिटेंशन सेंटर में भेजा जा रहा है, जहां से प्रवासियों के साथ दुर्व्यवहार की खबरें भी आ रही हैं।