एक कोशिश ऐसी भी…मानव सेवा का अनूठा संकल्प, जीवन से लेकर अंतिम विदाई तक निभा रही है संस्था…

वर्षा वर्मा – समाज सेविका (लखनऊ – उत्तरप्रदेश)

बाराबंकी। समाज सेवा केवल जीवित व्यक्ति की सहायता तक सीमित नहीं होती, बल्कि अंतिम यात्रा में भी सम्मान और संवेदना के साथ साथ देना मानवता की सर्वोच्च मिसाल है। इसी विचार को साकार करते हुए संस्था पिछले कई वर्षों से बाराबंकी स्थित मातृ-पितृ वृद्धाश्रम में रहने वाले बुजुर्गों के निधन के उपरांत उनके अंतिम संस्कार की संपूर्ण जिम्मेदारी निस्वार्थ भाव से निभा रही है।

संस्था का यह मानना है कि जिन बुजुर्गों ने अपना पूरा जीवन समाज और परिवार के लिए समर्पित किया, उनकी अंतिम विदाई भी पूर्ण सम्मान, गरिमा और धार्मिक विधि-विधान के साथ होनी चाहिए। इसी उद्देश्य से संस्था प्रत्येक दिवंगत बुजुर्ग का अंतिम संस्कार पूरी श्रद्धा एवं परंपरागत रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न कराती है।

हाल ही में वृद्धाश्रम के एक बुजुर्ग का निधन होने पर संस्था ने न केवल उनके अंतिम संस्कार की सभी व्यवस्थाएं संभालीं, बल्कि उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए अपने स्वयं के वाहन से पार्थिव शरीर को उनके परिजनों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी निभाई। इस मानवीय प्रयास ने एक बार फिर यह साबित किया कि सेवा केवल शब्द नहीं, बल्कि संवेदनाओं से जुड़ा एक सतत संकल्प है।

संस्था के पदाधिकारियों का कहना है कि यह सेवा किसी प्रचार या प्रसिद्धि के लिए नहीं, बल्कि मानवता और ईश्वर के प्रति समर्पण की भावना से की जा रही है। संस्था का विश्वास है कि प्रत्येक जरूरतमंद की सहायता करना ही सच्ची सेवा है और यही समाज के प्रति उनका कर्तव्य भी है।

संस्था केवल अंतिम संस्कार सेवा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों के लिए अनेक जनकल्याणकारी कार्य भी लगातार संचालित कर रही है। इसके अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों की स्कूल फीस का नियमित भुगतान किया जाता है, ताकि किसी भी बच्चे की शिक्षा आर्थिक अभाव के कारण बाधित न हो।

इसके अतिरिक्त, संस्था पूरे उत्तर प्रदेश में जरूरतमंद लोगों के लिए निःशुल्क शव वाहन एवं एंबुलेंस सेवा उपलब्ध कराती है, जिससे संकट की घड़ी में परिवारों को तत्काल सहायता मिल सके। वहीं, जिन लावारिस शवों का कोई वारिस या परिजन नहीं होता, उनके अंतिम संस्कार की पूरी जिम्मेदारी भी संस्था उठाती है। इतना ही नहीं, उनकी अस्थियों का धार्मिक परंपराओं के अनुरूप बिठूर में विसर्जन एवं मोक्ष प्राप्ति हेतु विशेष पूजा-अर्चना भी कराई जाती है।

संस्था का मानना है कि समाज के सहयोग से ही ऐसे मानवीय कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाया जा सकता है। इसलिए जो भी व्यक्ति इस पुण्य कार्य में अपनी सहभागिता देना चाहते हैं, वे संस्था से संपर्क कर सकते हैं।

संपर्क सूत्र:
वर्षा वर्मा
मो.: 8318193805

“करते हो तुम कन्हैया, मेरा नाम हो रहा है…”
इसी विश्वास और सेवा भावना के साथ संस्था मानवता की सेवा में निरंतर समर्पित है। उसका उद्देश्य केवल सहायता पहुंचाना नहीं, बल्कि हर जरूरतमंद को सम्मान, संवेदना और अपनापन देना है। सच ही कहा गया है—एक छोटी-सी कोशिश, किसी के जीवन और अंतिम यात्रा दोनों को सम्मानपूर्ण बना सकती है।

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