वर्षा वर्मा (समाज सेविका)
अक्सर हम मज़ाक में कहते हैं कि “इन लोगों ने हमारा खून नहीं पिया, इसलिए हम रक्तदान कर पाए।” लेकिन ज़रा ठहरकर सोचिए-यह मज़ाक नहीं, बल्कि एक गंभीर विषय है।
आज भी समाज में रक्तदान को लेकर उतनी जागरूकता नहीं है, जितनी होनी चाहिए। हम रक्तदान करने से हिचकिचाते हैं, लेकिन जब जरूरत हमारे अपने लोगों पर आती है, तो हम असहाय होकर इधर-उधर देखने लगते हैं।
नियमित रक्तदान न केवल हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है, बल्कि यह एक महादान भी है। एक यूनिट रक्त से चार लोगों की जान बचाई जा सकती है-इससे बड़ा मानव सेवा का उदाहरण और क्या हो सकता है।
इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए “एक कोशिश ऐसी भी” और BCL के संयुक्त प्रयास से बीते दिन गोमती नगर स्थित डॉ. शिवम त्रिपाठी के इकाना हॉस्पिटल में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया।
इस शिविर में अस्पताल ने स्थान उपलब्ध कराया, BCL के सदस्यों ने बढ़-चढ़कर रक्तदान किया और पीजीआई की टीम ने पूरे आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यह केवल एक संस्था का प्रयास नहीं था, बल्कि “एक कोशिश ऐसी भी” के साथ-साथ BCL के संस्थापक उमाशंकर दुबे जी और डॉ. शिवम त्रिपाठी की सकारात्मक सोच और सहयोग का परिणाम था।
जब इन तीनों की नेक भावना एक साथ आई, तो यह पहल एक सफल रक्तदान शिविर के रूप में सामने आई।
BCL के सभी सदस्यों का दिल से आभार, जिन्होंने उत्साहपूर्वक भाग लिया। साथ ही, इकाना हॉस्पिटल के स्टाफ ने भी रक्तदान कर इस आयोजन को सफल बनाया। पीजीआई की टीम का भी विशेष धन्यवाद, जिनके सहयोग से यह नेक कार्य संभव हो सका।
Keep up the great work.