‘सच्चाई और न्याय की जीत हुई’, अमेरिकी अदालत द्वारा आरोप खारिज किए जाने पर बोले गौतम अदाणी…

अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अमेरिकी कोर्ट ने गौतम अदाणी और सागर अदाणी के खिलाफ चल रहे आपराधिक मामलों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। इस फैसले के बाद गौतम अदाणी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि न्याय व्यवस्था में उनका भरोसा और विश्वास हमेशा अटूट रहा है।

अमेरिकी कोर्ट के फैसले के बाद गौतम अदाणी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा,’ मैं बहुत ही विनम्रता और न्यायिक प्रक्रिया के प्रति गहरे सम्मान के साथ अमेरिकी अदालत के इस फैसले का स्वागत करता हूं’।

मेरा विश्वास अडिग रहा- अदाणी

पोस्ट में अदाणी ने आगे लिखा कि इस कठिन दौर में भी सच्चाई, निष्पक्षता और कानून के शासन में हमारा विश्वास पूरी तरह अडिग रहा। मैं उन सभी लोगों का दिल से आभारी हूं, जिन्होंने हम पर, इस व्यवस्था पर और न्याय के प्रति भारत की क्षमता पर कभी अपना भरोसा नहीं टूटने दिया।

अदाणी ने आगे इस बात पर जोर दिया कि हम वही काम जारी रखेंगे जो सबसे ज्यादा मायने रखता है, देश का निर्माण करना, ऐसा मूल्य पैदा करना जो हमारे बाद भी कायम रहे, और खुद से बड़े उद्देश्य की सेवा करना। यही हमारी प्रतिबद्धता है। जय हिंद।

अमेरिकी अदालत ने क्या फैसला सुनाया?

मामले में सुनवाई के दौरान अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट (ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ न्यूयॉर्क) के जज निकोलस गाराफिस ने अभियोजन पक्ष की मांग पर यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अदाणी ग्रुप द्वारा किए गए किसी भी निवेश के ऐलान का इस फैसले से कोई लेना-देना नहीं है।

इससे पहले जुलाई महीने में अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) ने कोर्ट में एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपी थी। DOJ ने माना था कि यह पूरा मामला मुख्य रूप से भारत से जुड़ा हुआ था और इसे अमेरिका में नहीं लाया जाना चाहिए था।

पूरा मामला क्या था? 

गौरतलब है कि अदाणी समूह के प्रमुख गौतम अदाणी और अन्य पर भारत में सोलर पावर (सौर ऊर्जा) अनुबंधों से जुड़े कथित रिश्वतखोरी और अमेरिकी निवेशकों को गुमराह करने के आरोप लगाए गए थे। हालांकि, अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) द्वारा खुद ही इस मामले को वापस लेने की सिफारिश करने के बाद, अब अदालत ने इन सभी आपराधिक आरोपों को औपचारिक रूप से खारिज कर दिया है।

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