गाजा के पुनर्निर्माण के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के बनाए बोर्ड ऑफ पीस का खाता खाली है।
उसके लिए किसी ने भी एक पैसा चंदे में नहीं दिया है। जबकि इजरायली हमलों से बर्बाद हुए गाजा के पुनर्निर्माण के यूरोपीय संघ और संयुक्त राष्ट्र के आकलन के अनुसार 71 अरब डालर खर्च करने होंगे।
अमेरिकी बैंक जेपी मार्गन जमा होने वाली धनराशि को लेकर जिस पारदर्शिता की अपेक्षा करता है, उसे पूरा करने और बोर्ड ऑफ पीस के खाते में धन जमा करवाने के लिए कोई नहीं आया।
विदित हो कि सात अक्टूबर, 2023 को इजरायल पर हमास के हमले के बाद इजरायल ने गाजा पर पलटवार किया था।
अक्टूबर 2025 में राष्ट्रपति ट्रंप की पहल पर गाजा में युद्धविराम हो गया लेकिन वहां पर इजरायली हमलों का सिलसिला नहीं टूटा है। ट्रंप की शांति योजना में बोर्ड ऑफ पीस बनाकर विश्व भर के नेताओं को शामिल करके उनसे गाजा के पुनर्निर्माण के लिए धन देने की अपील की गई थी।
शांति की इच्छा लेकर विश्व के कई देशों के नेता मिस्र में आयोजित ट्रंप के कार्यक्रम में शामिल हुए। लेकिन किसी भी देश ने गाजा के पुनर्निर्माण के लिए धन नहीं दिया और न ही किसी देश ने गाजा में शांति की निगरानी के लिए अपने सैनिक भेजे हैं।
ट्रंप की शांति योजना की घोषणा हुए छह महीने से ज्यादा गुजर चुके हैं लेकिन गाजा की स्थितियों में बदलाव अभी तक नहीं हुआ है। इससे पश्चिम एशिया में ट्रंप की योजना की विश्वसनीयता को खतरा पैदा हो गया है।