अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने वाशिंगटन के पास प्रस्तावित 250 फुट ऊंचे ‘ट्रायम्फल आर्च’ को सिर्फ विजय स्मारक नहीं, बल्कि सैन्य उपयोग के लिए भी तैयार करने की बात कही है।
ट्रंप के अनुसार, सेना के अनुरोध पर इस संरचना में ड्रोन और स्नाइपर रखने, उनके उपकरण और गोला-बारूद के भंडारण तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल इस्तेमाल की व्यवस्था की जाएगी।
ट्रंप ने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर कहा कि आर्च की छत और प्लाजा क्षेत्र में स्नाइपर तैनात किए जा सकेंगे। उन्होंने इस कदम को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ा, हालांकि किसी विशेष खतरे का उल्लेख नहीं किया।
यह परियोजना ट्रंप की वाशिंगटन को नए सिरे से आकार देने की व्यापक योजना का हिस्सा है। इसमें लिंकन मेमोरियल रिफ्लेक्टिंग पूल का नवीनीकरण, ईस्ट पोटोमैक पार्क के गोल्फ कोर्स का पुनर्विकास और कैनेडी सेंटर में बदलाव जैसे प्रस्ताव शामिल हैं।
संरक्षणवादियों और अन्य आलोचकों का कहना है कि इन परियोजनाओं से राजधानी के ऐतिहासिक स्थलों का स्वरूप प्रभावित हो सकता है।निर्माण पर अदालत की नजरप्रस्तावित आर्च को लेकर पूर्व सैनिकों ने अदालत का रुख किया है। उनका कहना है कि इससे लिंकन मेमोरियल और अर्लिंग्टन नेशनल कब्रिस्तान के बीच बनी ऐतिहासिक साइटलाइन प्रभावित होगी।
अमेरिकी जिला जज तान्या चुटकन ने इस महीने प्रशासन को आदेश दिया था कि आर्च की जगह पर किसी भी गतिविधि से कम से कम 48 घंटे पहले सूचना दी जाए।
आर्च को लेकर कानूनी चुनौती ऐसे समय सामने आई है जब प्रशासन अंतिम मंजूरियों और निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा का तर्क परियोजना को कानूनी चुनौतियों से बचाने की प्रशासन की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।