अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में बताते हुए कहा कि अमेरिका को भी कहीं अधिक तेज आर्थिक वृद्धि हासिल करनी चाहिए।
सीएनबीसी को दिए एक साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि भारत 7-8 प्रतिशत की दर से विकास कर रहा है, जबकि अमेरिका अनावश्यक रूप से महंगाई और ब्याज दरों की चिंताओं में उलझा हुआ है।
ट्रंप ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति की आलोचना करते हुए कहा कि अमेरिका के लिए चार प्रतिशत जीडीपी वृद्धि पर रुकने का कोई कारण नहीं है। उनके मुताबिक, देश 12 से 13 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि भी हासिल कर सकता है। उन्होंने कहा कि बेहतर आर्थिक आंकड़े आते ही बाजार ब्याज दरें बढ़ने की आशंका जताने लगता है, जबकि इससे विकास की गति बाधित होती है।
एआई की दौड़ में चीन से आगे रहने पर जोर
ट्रंप ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) को इंटरनेट से भी अधिक प्रभावशाली तकनीक बताते हुए कहा कि इस क्षेत्र में नेतृत्व भविष्य की वैश्विक ताकत तय करेगा।
उन्होंने दावा किया कि अमेरिका फिलहाल चीन और अन्य देशों से काफी आगे है और यह बढ़त हर हाल में बनाए रखनी होगी। उनके अनुसार, जो देश एआइ की दौड़ में नंबर एक रहेगा, वही भविष्य में दुनिया का नेतृत्व करेगा।
ईरान परमाणु समझौते पर जताया भरोसा
ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चल रही वार्ता को लेकर भी सकारात्मक संकेत दिए। उन्होंने दावा किया कि तेहरान वार्ता में अमेरिका की लगभग सभी प्रमुख शर्तें मानने को तैयार हो गया है।
उन्होंने दोहराया कि अमेरिका का उद्देश्य ईरान में सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उसके पास कभी परमाणु हथियार न हों। ट्रंप ने यह भी कहा कि उनकी सरकार के कार्यकाल में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से ईरान की सैन्य क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंचा है।