अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने मंगलवार को व्हाइट हाउस में एक कार्यक्रम के दौरान घोषणा की कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अब सुपर इंटेलिजेंस के नाम से जाना जाएगा।
ट्रंप ने कहा कि हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का नाम बदलने वाले दस्तावेज पर हस्ताक्षर कर रहे हैं क्योंकि यह आर्टिफिशियल नहीं है। हम सभी इस बात पर सहमत हैं। हम इसका नाम बदलकर सुपर इंटेलिजेंस रखने जा रहे हैं, आधिकारिक तौर पर इसका नाम बदल रहे हैं।
ट्रंप ने टेक इंडस्ट्री के दिग्गजों के साथ व्हाइट हाउस में हाई-लेवल लंच मीटिंग के बाद यह आदेश जारी किया। मीटिंग में स्पेसएक्स और टेस्ला के एलन मस्क, मेटा के मार्क जुकरबर्ग, गूगल के सुंदर पिचाई और एनवीडिया के जेन्सेन हुआंग समेत कई प्रमुख सीईओ मौजूद रहे।
आदेश में कहा गया है कि यह बदलाव कानून की अधिकतम अनुमति के अनुसार लागू होगा। मौजूदा नियमों, अनुबंधों और पुराने रिकॉर्ड्स में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का नाम बदलकर ‘सुपर इंटेलिजेंस’ करने की घोषणा की।
आदेश में कहा गया है कि संघीय सरकार द्वारा प्रयुक्त शब्दावली इन प्रौद्योगिकियों की परिवर्तनकारी क्षमताओं और अमेरिकी जनता के लिए इनके द्वारा सृजित असीमित अवसरों को प्रतिबिंबित करनी चाहिए।
तदनुसार, ‘सुपर इंटेलिजेंस’ शब्द इन प्रौद्योगिकियों के वादे, क्षमता और तेजी से विकसित हो रही क्षमताओं को अधिक उपयुक्त रूप से दर्शाता है। अतः मेरे प्रशासन की यह नीति है कि कानून द्वारा अनुमत अधिकतम सीमा तक, कार्यकारी शाखा ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ और ‘एआई’ के स्थान पर ‘सुपर इंटेलिजेंस’ और ‘एसआई’ शब्दों का प्रयोग करेगी और किसी भी प्रासंगिक संदर्भ में ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ और ‘एआई’ के उपयोग को स्वीकार नहीं करेगी।