छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में नवविवाहिता वर्षा यादव की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई।
मृतका के पिता उमेश यादव ने आरोप लगाया कि विवाह से पहले तय हुआ था कि वर्षा ससुराल में आगे की पढ़ाई जारी रखेगी, लेकिन बाद में ससुराल वालों ने उसकी पढ़ाई के लिए पहल नहीं की। उसे प्रताड़ित भी किया गया।
दूसरी ओर, मृतका के पति का कहना है कि बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई कर चुकी वर्षा आगे एमएससी नर्सिंग करना चाहती थी। उसकी इच्छा विश्रामपुर में किराए का मकान लेकर पढ़ाई करने की थी। इसी बात को लेकर घर में हो रहे मनमुटाव के बीच वर्षा ने जहर खा लिया।
सूरजपुर निवासी 20 वर्षीय वर्षा का विवाह एक मई 2026 को मैनपाट निवासी अजय यादव से हुआ था। पिता के अनुसार, 17 सितंबर को दोपहर करीब 12 बजे वर्षा ने संदेश भेजा कि वह जीना नहीं चाहती, उसे शांति से मरने दिया जाए।
इसके बाद पति अजय ने फोन कर उसकी तबीयत बिगड़ने और मिशन अस्पताल, अंबिकापुर ले जाने की सूचना दी। आइसीयू में उपचार के दौरान 22 सितंबर को वर्षा की मौत हो गई।
पिता ने वर्षा को जहरीला पदार्थ खिलाए जाने का भी संदेह व्यक्त किया है। पुलिस आगे की कार्रवाई के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रतीक्षा कर रही है।