दिल्ली में ट्रैफिक फ्रॉड का खुलासा: फर्जी स्टिकर लगाकर नो-एंट्री में एंट्री का खेल, मास्टरमाइंड समेत 20 गिरफ्तार…

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की एंटी रॉबरी एंड स्नैचिंग सेल (एआरएससी) ने ट्रैफिक फ्रॉड व वसूली करने वाले संगठित सिंडिकेट के दो और आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनमें सिंडिकेट का मास्टरमाइंड जय भगवान और उसका सहयोगी शिवम शर्मा शामिल हैं।

इस कार्रवाई के साथ ही विशेष जांच टीम (एसआईटी) अब तक विभिन्न सिंडिकेट से जुड़े कुल 20 आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 282 मार्का/स्टिकर, छह मोबाइल फोन और एक स्विफ्ट डिजायर कार बरामद की है।

ऐसे करते थे ट्रैफिक फ्रॉड और वसूली

क्राइम ब्रांच के अनुसार यह गिरोह नो-एंट्री के दौरान व्यावसायिक माल वाहनों की आवाजाही कराने के लिए ट्रांसपोर्टरों और वाहन मालिकों को हर महीने 2000 से 5000 रुपये में स्टिकर या मार्का बेचता था। इन स्टिकरों के जरिये वाहन चालक ट्रैफिक चेकिंग से बचने की कोशिश करते थे।

जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह के सदस्य ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की वीडियो बनाकर उन्हें एडिट कर सोशल मीडिया पर अपलोड कर देते थे। इसके जरिए वे पुलिसकर्मियों पर दबाव बनाकर वाहनों को छोड़ने के लिए मजबूर करते थे।

दो अलग-अलग ऑपरेशन में हुई गिरफ्तारी

पहली कार्रवाई में पांच मार्च 2026 को क्राइम ब्रांच ने जय भगवान को गिरफ्तार किया। वह हरियाणा के चरखी दादरी का रहने वाला है और दिल्ली के रिठाला स्थित विजय विहार में रह रहा था।

दूसरी कार्रवाई में छह मार्च 2026 को शिवम शर्मा को उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद से गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि वह इस सिंडिकेट के लिए विभिन्न ट्रांसपोर्टरों और वाहन मालिकों को मार्का/स्टिकर बांटने का काम करता था।

पहले भी कई मामले दर्ज

पुलिस के अनुसार जय भगवान पहले से हत्या, डकैती, आर्म्स एक्ट और पुलिसकर्मियों से वसूली से जुड़े चार मामलों में शामिल रहा है। वहीं शिवम शर्मा पेशे से ड्राइवर है और सिंडिकेट के सरगना जीशान अली का करीबी सहयोगी है।

पुलिस ने आरोपितों के पास से 282 स्टिकर/मार्का, छह मोबाइल फोन और एक स्विफ्ट डिजायर कार बरामद की है। क्राइम ब्रांच के डीसीपी संजीव कुमार यादव ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

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