जम्मू-कश्मीर में बारिश का कहर जारी हैं। पुंछ जिले में सोमवार को मकान पर भारी मलबा गिरने से सात और डोडा में बस पर चट्टान गिरने से दो लोगों सहित कुल 12 की मौत हो गई। मृतकों में पांच महिलाएं शामिल हैं।
जम्मू-कश्मीर में बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से दो दिन में 24 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 10 लोग अब भी लापता बताए गए हैं।
इस बीच, श्रीअमरनाथ, माता वैष्णो देवी, रियासी में शिवखोड़ी और किश्तवाड़ में सरथल यात्राएं दूसरे दिन भी स्थगित रहीं। कटड़ा में करीब 15 हजार श्रद्धालु रुके हुए हैं। पुंछ जिला में रविवार को भी वर्षा, बाढ़ व मकान ढहने से 11 लोगों की मौत हो गई थी।
वहीं श्रीअमरनाथ यात्रा के जम्मू स्थित आधार शिविर, लखनपुर के अलावा कश्मीर में बालटाल व पहलगाम में भी हजारों शिवभक्त यात्रा शुरू होने के इंतजार में हैं। सोमवार तड़के जम्मू सहित कई जिलों में तेज वर्षा से जलभराव रहा और तवी व चिनाब नदी समेत कई नाले उफान पर रहे।
इस बीच राजौरी में मनावर नदी में हेलीकॉप्टर से एक व्यक्ति का शव निकाला गया। इस बीच, डोडा जिला में भद्रवाह से जम्मू आ रही यात्री बस जब रग्गी नाले के पास पहुंची तो पहाड़ से बड़ी चट्टान उसपर आ गिरी। इस हादसे में दो लोगों की मौत और चार यात्री घायल हो गए।
हिमाचल में तीन जगह फटे बादल, पुल व फसलें तबाह
हिमाचल में भारी वर्षा के रेड अलर्ट के बीच सोमवार को चंबा जिले के पांगी में तीन जगह बादल फटने से नालों में बाढ़ आ गई। यहां काम कर रहे श्रमिम फंस गए, जिन्हें ग्रामीणों ने नाले के आर-पार लोहे की सीढ़ी बिछाकर निकाला।
बाढ़ से पुलियों व रास्तों के क्षतिग्रस्त होने के साथ नकदी फसल भी तबाह हो गई हैं। मंडी जिले में पहाड़ी धंसने से कुफरू सड़क के नीचे 90 फीट लंबी कृत्रिम झील बन गई है।
चारधाम यात्रा रोकी, देहरादून व मसूरी के बीच आवाजाही ठप
उत्तराखंड में वर्षा व भूस्खलन के कारण चारधाम यात्रा राजमार्ग कई स्थानों पर बाधित हैं। प्रशासन ने चारधाम यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है। यात्रा मार्ग सुरक्षित होने व मौसम को देखते हुए यात्रा के संचालन पर निर्णय लिया जाएगा।
देहरादून-मसूरी राजमार्ग का करीब 10 मीटर हिस्सा पानीवाला बैंड के पास धंस गया है, जिससे आवाजाही ठप हो गई है।
पिथौरागढ़ में भूस्खलन से अवरुद्ध तवाघाट-लिपुलेख (कैलास मानसरोवर) मार्ग तीन दिन बाद दोपहर बाद यातायात के लिए खोल दिया गया है। यहां तीन दिनों से फंसे कैलास मानसरोवर यात्री दल अगले पड़ावों के लिए रवाना हुए।