तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य साकेत गोखले ने नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले फार्म-छह में जोड़े गए एक अतिरिक्त घोषणा-पत्र को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने कानून मंत्रालय के एक आरटीआइ जवाब का हवाला दिया, जिसमें कहा गया है कि फार्म-छह या संबंधित नियमों में बदलाव के लिए चुनाव आयोग से कोई प्रस्ताव मिलने की जानकारी विभाग के पास उपलब्ध नहीं है।
जुलाई 2026 में जोड़े गए इस घोषणा-पत्र में आवेदक से पिछली विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान उसके माता-पिता या दादा-दादी के मतदाता सूची में दर्ज विवरण मांगे गए हैं।
गोखले ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर दावा किया कि उन्होंने सरकार से पूछा था कि क्या चुनाव आयोग ने फार्म-छह में बदलाव के लिए संपर्क किया था।
उनके अनुसार, विधायी विभाग ने जवाब दिया कि ऐसी कोई जानकारी इस विभाग के पास उपलब्ध नहीं है।
गोखले ने चुनाव आयोग के उस कथित दावे पर भी सवाल उठाया कि सुप्रीम कोर्ट ने फार्म-छह में बदलाव करने की उसकी शक्ति को बरकरार रखा था। उन्होंने कहा कि संबंधित फैसला मई 2026 में आया, जबकि घोषणा-पत्र जुलाई में जोड़ा गया।