तिरुपति लड्डू विवाद: मुख्यमंत्री ने सुधारात्मक कार्रवाई के लिए एक सदस्यीय आयोग की घोषणा की…

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने तिरुपति लड्डू में कथित मिलावटी घी के इस्तेमाल को भगवान के खिलाफ सबसे बड़ा पाप करार देते हुए विशेष जांच दल (एसआइटी) की रिपोर्ट के बाद सुधारात्मक कदम उठाने के लिए एक सदस्यीय समिति गठित करने की घोषणा की।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में जब वाईएसआरसीपी सत्ता में थी, उस समय केंद्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान (सीएफटीआरआइ) की रिपोर्ट में भी मिलावट घी की बात स्पष्ट रूप से सामने आई थी।

नायडू ने मिलावटी लड्डू घी पर समिति गठित की

मुख्यमंत्री ने गुरुवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वर्ष 2024 में मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) में शुद्धिकरण प्रक्रिया के तहत घी के नमूने एनडीडीबी-कैल्फ को भेजे गए थे जिसने साफ तौर पर कहा कि घी में पशु चर्बी की मिलावट थी।

उन्होंने कहा कि मैंने वही कहा था। आज एसआइटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। घी पर एसआइटी की रिपोर्ट में कहा गया है कि इसमें पामोलीन तेल और रसायनों की मिलावट की गई थी।

उन्होंने कहा कि लड्डू प्रसाद में मिलावट भक्तों के विश्वास के खिलाफ एक गंभीर अपराध है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि एसआइटी ने कुछ लोगों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई करने के लिए एक रिपोर्ट प्रस्तुत की है।

उन्होंने कहा-‘हम खामियों का अध्ययन करने और सुधारात्मक कदम उठाने के लिए एक सदस्यीय समिति गठित करेंगे। यदि कोई अतिरिक्त जानकारी सामने आती है तो उसे अदालत में रखा जाएगा।’

नायडू ने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली सरकार ने कथित रूप से इस मिलावट में शामिल होकर पाप किया।

नायडू ने आरोप लगाया कि पिछले पांच वर्षों में लाखों भक्तों को मिलावटी लड्डू दिए गए, जिससे भय और मानसिक तनाव उत्पन्न हुआ। यह मुद्दा हिंदू विश्वास और भावनाओं से संबंधित है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछले शासनकाल में कई मंदिरों पर हमले हुए। भगवान वेंकटेश्वर स्वामी को अपना कुल देवता बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि वर्ष 2003 की शुरुआत में नक्सलियों द्वारा किए गए हमले के दौरान भगवान ने ही उनकी रक्षा की थी।

नायडू ने पूर्व वाईएसआरसीपी सरकार पर मिलावट का आरोप लगाया

टीटीडी भगवान वेंकटेश्वर के उस पहाड़ी मंदिर का संरक्षक है, जहां दुनिया भर से हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। सितंबर 2024 में उस समय विवाद खड़ा हो गया था, जब नायडू ने राजग की एक बैठक में आरोप लगाया था कि मंदिर के प्रसाद (लड्डू) के निर्माण में घटिया सामग्री और पशु वसा का इस्तेमाल किया गया।

इस मामले की जांच सीबीआइ की विशेष जांच टीम कर रही है।उधर, आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने कहा कि सीबीआइ ने तिरुपति लड्डू घी में मिलावट के कथित मामले में वाईएसआरसीपी को क्लीन चिट नहीं दी है।

कल्याण ने कहा कि आस्था एक संवेदनशील मुद्दा है और हमें इसके बारे में बात करते समय सावधान रहना चाहिए। कल्याण ने आरोप लगाया कि जब धार्मिक भावनाएं आहत हुईं तो विपक्षी पार्टी के नेताओं ने लापरवाही भरे बयान दिए।

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