नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के दूसरे चरण के लिए अधिग्रहीत और विस्थापित होने वाले नगला हुकम सिंह गांव में तीन मंजिला अवैध निर्माण बुधवार सुबह भर भरा कर गिर गया। हादसे के वक्त मकान में अवैध निर्माण चल रहा था।
ग्रामीणों ने बताया की कुछ मजदूर चौथी मंजिल पर निर्माण कार्य में लगी थी जबकि कुछ मजदूर तीसरी मंजिल पर लेंटर में लगी सेटिंग को हटा रहे थे।
लेटर पूरी तरह से पका नहीं था जिसके चलते सेटिंग हटते ही लेटर भर भरा कर गिर गया। तीसरी मंजिल के लेंटर गिरने के साथ ही पहले और दूसरी मंजिल भी गिर गई।
निर्माण कार्य और सेटिंग निकालने में लगे मजदूर तीन मंजिला मकान के मलबे में दब गए सूचना के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई है। दोपहर तक चार मजदूरों को रेस्क्यू कर बाहर निकाला जा चुका है बाकी मजदूरों की तलाश जारी है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट दूसरे चरण के लिए जेवर के 6 गांव की 1181 हेक्टेयर जमीन का आज ग्रहण किया गया है। इसी चरण में नगला हुकम सिंह,कुरैब और रन्हेरा गांव का विस्थापन किया जाना है।
लोग विस्थापन किए जाने वाले गांव में दोगुना मुआवजा और प्लांट के लालच में दिन रात अवैध निर्माण कर रहे हैं।
दैनिक जागरण ने मुआवजे के लालच में खड़े हो रहे मिट्टी के महल जैसी समाचार श्रृंखलाएं समय-समय पर प्रकाशित की थी, लेकिन पुलिस और प्रशासन केवल कागजी कार्यवाही( एफआईआर एवं पत्राचार) तक सीमित रहा।
जिसकी वजह से लगातार अवैध निर्माण होते चले गए। जिसकी वजह से बुधवार सुबह 11:00 बजे नगला हुकम सिंह गांव में लगभग 400 वर्ग गज में बन रहा तीन मंजिला अवैध मकान गिर गया।
हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की टीम को मौके पर बुलाया। NDRF के रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल होने से मजदूरों के जल्द बचाए जाने की उम्मीद है।