100% टैरिफ का खतरा टला, ट्रंप-जिनपिंग बैठक से पहले US और चीन के बीच ट्रेड डील पर सहमति…

अमेरिका और चीन के बीच में व्यापारिक डील के मुद्दे पर सहमति बन गई है।

चीन की तरफ से रविवार को इस बात की घोषणा की गई कि दोनों देशों के बीच में व्यापारिक समझौते के ज्यादातर मुद्दों पर सहमति बन गई है।

ट्रंप प्रशासन की तरफ से स्कॉट बेसेंट ने भी इस डील पर अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा कि दो दिन की मीटिंग के बाद चीन के साथ बेहतर डील हुई। अब बीजिंग पर से 100 फीसदी टैरिफ का खतरा टल गया है।

चीनी समाचार एजेंसी शिन्हुआ की एक रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देशों के बीच में यह सहमति ट्रंप और जिनपिंग की मुलाकात के कुछ वक्त पहले ही बनी है।

इस सहमति को बनाने के लिए आसियान शिखर सम्मेलन के दौरान चीनी उप-प्रधानमंत्री हे लिफेंग और अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन के बीच चर्चा हुई थी।

इस चर्चा को लिफेंग ने सटीक और रचनात्मक बताया। सीएनएन की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस बातचीत के दौरान दोनों देशों के बीच में टैरिफ, निर्यात नियंत्रण, कृषि उत्पादों के व्यापार और फेंटेनाइल से संबंधित प्रवर्तन पर सहयोग सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई।

चीनी उप-प्रधानमंत्री ने कहा कि बीजिंग और वाशिंगटन के बीच बेहतर आर्थिक संबंध ही दोनों देशों के लिए लाभदायक हैं। दोनों देशों के आपसी सहयोग से दुनिया भर को लाभ होता है, जबकि टकराव से नुकसान।

अमेरिका की तरफ से क्या आया जवाब

चीनी प्रतिनिधियों के साथ सफल बैठक करने के बाद अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने सीबीएस न्यूज से बात करते हुए कहा कि चीनी सामान पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने की धमकी अब खत्म हो गई है।

उन्होंने कहा, “दो दिन तक चली हमारी बैठक काफी अच्छी रही। मेरा मानना है कि इसलिए अभी की स्थिति में 100 फीसदी टैरिफ का खतरा अब टल गया है। इसके अलावा चीन का वर्ल्ड सप्लाई चैन पर नियंत्रण हासिल करने का खतरा भी टल गया है।

सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका और चीन दोनों ही अब पिछले कुछ महीनों से जारी व्यापारिक तनाव को कम करने पर काम कर रहे हैं।

क्योंकि यह तनाव ट्रंप की उस घोषणा के बाद और बढ़ गया था, जिसमें उन्होंने 1 नवंबर तक की डेडलाइन दे दी थी।

ट्रंप और जिनपिंग की बैठक

अमेरिकी राष्ट्रपति और उनके चीनी समकक्ष जल्दी ही दक्षिण कोरिया में मिलने वाले हैं। ट्रंप फिलहाल अपने 5 दिवसीय दौरे के लिए मलेशिया पहुंचे हुए हैं।

यह उनका पहला पड़ाव है। ट्रंप 30 अक्तूबर को दक्षिण कोरिया में चीनी राष्ट्रपति से मिलेंगे। चीन के साथ डील पर ट्रंप की आशावादी हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि अमेरिका और चीन के बीच में समझौता हो जाएगा।

गौरतलब है कि यह वार्ता चीन द्वारा दुर्लभ मृदा चुम्बकों और खनिजों पर नए निर्यात नियंत्रणों को लेकर बढ़ती चिंता के बीच हो रही है, जिसके कारण दुनिया भर में इनकी कमी हो गई है।

मई में जिनेवा में हुए और अगस्त में बढ़ाए गए युद्धविराम समझौतों के बावजूद, दोनों देश हाल के महीनों में एक-दूसरे के उद्योगों पर प्रतिबंध और अंकुश लगा रहे हैं।

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