अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ संभावित वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए अपने विशेष दूत स्टीव विटकाफ और सलाहकार जेरेड कुशनर को पाकिस्तान भेजने का निर्णय लिया है।
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस फिलहाल इस दौरे में शामिल नहीं होंगे, लेकिन वार्ता में प्रगति होने की स्थिति में उनके भी पाकिस्तान जाने की संभावना है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने फॉक्स न्यूज को बताया कि विटकाफ और कुशनर के शनिवार सुबह तक पाकिस्तान पहुंचने की संभावना है।
अमेरिका को प्रगति की उम्मीद
लेविट ने कहा कि हाल के दिनों में ईरान की ओर से वार्ता में कुछ प्रगति देखने को मिली है। अमेरिका को उम्मीद है कि सप्ताहांत में होने वाली संभावित बातचीत में और सकारात्मक प्रगति दिख सकती है।
अराघची ने चेताया, 48 घंटे में खत्म कर देंगे युद्धविराम
अराघची ने चेतावनी दी है कि होर्मुज तब तक बंद रहेगा, जब तक ईरान की करीब 11 खरब डालर की फ्रीज संपत्ति जारी नहीं की जाती।
उन्होंने एक्स पर एक वीडियो संदेश में कहा कि अगर अगले 48 घंटों के भीतर कोई ठोस प्रस्ताव नहीं आता है, तो मौजूदा युद्धविराम भी टूट सकता है। इससे पश्चिम एशिया में तनाव तेजी से बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान पर प्रतिबंधों के चलते विभिन्न देशों को ईरानी तेल व गैस निर्यात के बदले मिलनेवाली 50 से 100 अरब डालर की रकम उन्हीं देशों के बैंकों में जब्त पड़ी हुई है।
ईरान ने शांति समझौते के लिए इस रकम को जारी करने की भी शर्त रखी है। ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय गतिविधियों को लेकर उस पर कई सालों से आर्थिक पाबंदियां लगी हैं।
युद्ध मंजूरी के लिए ट्रंप के पास केवल छह दिन शेष
न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के पास ईरान युद्ध को जारी रखने के लिए केवल छह दिन बचे हैं।
अमेरिकी संविधान के अनुसार, किसी भी युद्ध को 60 दिन में संसद की मंजूरी लेनी पड़ती है। उन्होंने 28 फरवरी को शुरू युद्ध के बारे में संसद को दो मार्च को सूचित किया, जिसके चलते एक मई को 60 दिनों की अवधि पूरी हो रही है। इससे पहले उन्हें मंजूरी लेनी होगी।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक युद्ध को लेकर संसद में ट्रंप की स्थिति कमजोर मानी जा रही है। 100 सदस्यों वाली सीनेट में ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के 53 सांसद हैं, जबकि विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के पास 47 सदस्य हैं। ट्रंप की पार्टी के ही लगभग 10 सांसद ईरान युद्ध के विरोध में आवाज उठा चुके हैं।
हालांकि, ट्रंप के पास एक और विकल्प है। राष्ट्रपति एक बार के लिए 30 दिन का अतिरिक्त समय ले सकते हैं, लेकिन यह सिर्फ सैनिकों की सुरक्षित वापसी के लिए होता है, न कि युद्ध जारी रखने के लिए।
2003 के बाद खाड़ी में सबसे बड़ा अमेरिकी सैन्य जमावड़ा
रॉयटर के अनुसार, खाड़ी में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने अपनी सैन्य मौजूदगी को और मजबूत करते हुए तीसरा विमानवाहक पोत भी तैनात कर दिया है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि 2003 के बाद यह पहला मौका है, जब एक साथ तीन अमेरिकी विमानवाहक पोत इस क्षेत्र में सक्रिय हैं।
हेगसेथ के अनुसार, इस संयुक्त तैनाती में लगभग 200 लड़ाकू विमान, युद्धपोतों का बेड़ा और हजारों नौसैनिक शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि ईरान को पता है कि उनके पास अब भी समझौते की खिड़की खुली हुई है। वे चाहें तो वार्ता की मेज पर बुद्धिमानी से चुनाव कर सकते हैं। उन्हें बस इतना करना है कि सार्थक और साबित तरीके से परमाणु हथियार छोड़ दें। सेंटकाम ने अपने बयान में कहा है कि अब तक 34 मालवाहक जहाजों को होर्मुज में लौटाया जा चुका है।