हरियाणा की मतदाता सूची में इस बार बड़ा बदलाव होना तय है। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) 2026 में राज्य के 2.06 करोड़ मतदाताओं में से 33.87 लाख यानी लगभग हर छठा मतदाता अनकलेक्टेबल (मतदाता मृत मिले, कहीं और बस चुके हों, पहले से अन्य स्थान पर पंजीकृत हों या सत्यापन में उपलब्ध नहीं मिले) श्रेणी में आया है।
सबसे बड़ा हिस्सा स्थायी रूप से विस्थापित मतदाताओं का है। सीधे तौर पर अब इनके नई मतदाता सूची से बाहर होने का खतरा है। विधानसभावार रिपोर्ट में गुरुग्राम और बादशाहपुर सीट अनकलेक्टेबल रिकार्ड में सबसे ऊपर हैं। इसमें शहरी क्षेत्रों में मतदाता सूची का पुनरीक्षण सबसे व्यापक रहा है। हालांकि चुनाव आयोग के अनुसार अंतिम निर्णय 31 जुलाई से शुरू होने वाली दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया के बाद होगा।
तीन में एक स्थायी विस्थापित
24 जुलाई को दोपहर दो बजे तक अपडेटेड के डाटा के अनुसार अनकलेक्टेबल श्रेणी में आए 33.87 लाख रिकार्ड में सबसे अधिक 13.74 लाख मामले स्थायी पलायन के हैं। कुल मामलों का 40.57 प्रतिशत हिस्सा इसी श्रेणी से है। 9.41 लाख मतदाता सत्यापन में अनुपस्थित मिले, 7.65 लाख रिकार्ड मृत्यु से जुड़े हैं। 2.04 लाख मतदाता पहले से अन्य स्थान पर पंजीकृत पाए गए। शेष 1.01 लाख रिकार्ड अन्य कारणों में शामिल हैं।
गुरुग्राम विधानसभा सबसे ऊपर, शीर्ष पर एनसीआर का दबदबा
विधानसभावार आंकड़ों(24 जुलाई दोपहर 2 बजे तक की अपडेट) में गुरुग्राम विधानसभा 1,80,617 अनकलेक्टेबल रिकार्ड के साथ पहले स्थान पर है। इसके बाद बादशाहपुर (1,76,850), बल्लभगढ़ (1,01,670), तिगांव (99,200), फरीदाबाद (97,757), फरीदाबाद एनआइटी (91,382) और बड़खल (88,531) का स्थान है। शीर्ष सात विधानसभा क्षेत्रों में छह एनसीआर की हैं। साफ है कि तेजी से शहरीकरण और लगातार आवासीय बदलाव वाले क्षेत्रों में एसआइआर सबसे अधिक प्रभावित रहा।
सीमावर्ती और ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे कम खतरा
पुनरीक्षण में सबसे कम अनकलेक्टेबल रिकार्ड दूसरे प्रदेशों से जुड़ी सीमा वाले विधानसभा क्षेत्रों में सामने आए हैं। सिरसा जिले की ऐलनाबाद विधानसभा में सबसे कम 7,926 रिकार्ड अनकलेक्टेबल मिले। इसके बाद भिवानी के लोहारू (9,983), सिरसा के कालांवाली (10,337), चरखी दादरी बाढड़ा (11,667), फतेहाबाद के टोहाना (11,917) और सिरसा के रानियां (12,076) का स्थान है। यहां अनकलेक्टेबल रिकार्ड राज्य के बड़े शहरी क्षेत्रों की तुलना में काफी कम मिले।
अब यह होगी आगे की प्रक्रिया
- मतदाता सूचियों का ड्राफ्ट प्रकाशन: 31 जुलाई
- दावे और आपत्तियां भरने की अवधि: 31 जुलाई से 30 अगस्त तक
- दावों-आपत्तियों का निपटारा 31 जुलाई से 28 सितंबर तक
- मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन: 3 अक्टूबर 2026