गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने ड्रग्स को पूरी मानवता के लिए खतरा बताते हुए इससे निपटने के लिए सभी देशों की एकजुट प्रयास की जरूरत बताई है।
रॉ (रिसर्च एंड एनालाइसिस विंग) के संस्थापक आरएन काओ की स्मृति में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने ड्रग्स सिंडिकेटों को जड़ से समाप्त करने के लिए रोडमैप बनाकर काम करना शुरू कर दिया है। लेकिन दुनिया के अन्य देशों को भी ऐसा ही प्रयास करना होगा।
2047 तक नशा मुक्त भारत के लक्ष्य हासिल करने की प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि नशीले पदार्थों का एक भी ग्राम न तो देश के अंदर आए और न ही हमारी सीमा से बाहर जाए। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की ड्रग्स के खिलाफ जीरो टालरेंस नीति है।
ड्रग्स के खिलाफ पूरी दुनिया के एकजुट होकर लड़ने की जरूरत पर बल देते हुए अमित शाह ने कहा कि किसी एक देश के प्रयास से यह संभव नहीं है। इसके लिए घनिष्ठ अंतरराष्ट्रीय समन्वय बनाना होगा।
उन्होंने कहा कि इसके लिए सभी देशों को प्रतिबंधित पदार्थों की समान व्याख्या, ड्रग तस्करी की एक समान सजा, ड्रग्स सरगनाओं के प्रत्यर्पण और खुफिया जानकारी साझा करने के लिए एक समान कानून बनाने होंगे।
उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित विभिन्न देशों के राजदूतों और कूटनीतिज्ञों से ड्रग्स के खिलाफ भारत के प्रयासों में शामिल होने का आह्वान किया। उनके अनुसार इस लड़ाई को भू-राजनीतिक मतभेदों और व्यक्तिगत राष्ट्रीय हितों से ऊपर उठना होगा।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग से ड्रग्स तस्करों के खिलाफ मिल रही सफलता का उल्लेख करते हुए अमित शाह ने कहा कि पिछले दो साल के भीतर मित्र देशों के सहयोग से 40 ड्रग्स सरगनाओं को भारत लाने में सफलता मिली है।
उन्होंने कहा कि सभी देशों को सामूहिक प्रयास से अभी इस खतरे से निपटना संभव है, लेकिन 10 साल बाद दुनिया को यह अहसास होगा कि नुकसान को ठीक करने में बहुत देर हो चुकी है।
उनके अनुसार ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा के साथ-साथ नार्कों स्टेट्स को वैकल्पिक शक्ति बनने से रोकने लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
अमित शाह ने कहा कि ड्रग्स तस्करी केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं है, इसका पूरे समाज और भावी पीढि़यों पर दूरगामी प्रभाव पड़ता है। इसलिए इसके खिलाफ एक समग्र और व्यापक प्रयास करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि ड्रग्स तस्करी के पैसों का आतंकवादी और अपराधी नेटवर्क को फंड करने और समानांतर अर्थव्यवस्था के बारे में जागरूकता है, लेकिन ड्रग्स के इस्तेमाल से मानव शरीर को होने वाली स्थायी क्षति अनदेखी रह जाती है।