ट्रंप का वर्तमान कार्यकाल उनके पिछले कार्यकाल से काफी अलग है।
अलग अलग नीतियां और कड़े फैसलों ने ट्रंप को काफी अलग दिखाने का काम किया है। डोनल्ड ट्रंप के 2024 में वापसी के बाद उनके प्रोजेक्ट्स के लिए 800 मिलियन डॉलर से ज्यादा का फंड जुटाया गया है।
वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप के लिए फंड जुटाने के मामले में सिर्फ एक महिला का नाम आता है मेरिडिथ ओ’रूर्क, जो ट्रंप के लिए फंडरिज के मामले में सबसे ऊपर हैं। रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप का 90 फीसदी फंड इसी महिला के जरिए आता है। ट्रंप ने इस महिला को ‘प्रिंसेस ऑफ डार्कनेस’ (अंधेरे की राजकुमारी) का उपनाम दिया है।
कौन हैं मेरिडिथ ओ’रूर्क
मेरिडिथ ओ’रूर्क फ्लोरिडा की अनुभवी फंडरेजर हैं। उन्होंने ट्रंप के 2016 और 2020 के चुनाव अभियानों में काम किया था। 2024 के अभियान में उन्हें पूरी फंडरेजिंग का नेतृत्व सौंपा गया। चुनाव के बाद जब दानदाता और कंपनियों के प्रतिनिधि मरा-लागो में करोड़ों डॉलर के चेक लेकर पहुंचने लगे, तो ट्रंप ने उन्हें तुरंत दान जुटाने को कहा।
ओ’रूर्क के पास कोई आधिकारिक सरकारी पद नहीं है, फिर भी वे ट्रंप के साथ अक्सर दिखती हैं। वे व्हाइट हाउस की बैठकों में शामिल होती हैं, कॉरपोरेट अधिकारियों से चर्चाओं में बैठती हैं और एयर फोर्स वन पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ यात्रा करती हैं।
ओ’रूर्क ट्रंप मीडिया एंड टेक्नोलॉजी ग्रुप (ट्रुथ सोशल की मालिक कंपनी) की डायरेक्टर हैं और नेशनल पार्क फाउंडेशन के बोर्ड में भी हैं।
व्हाइट हाउस में ज्यादातर शामों को ट्रंप ओ’रूर्क को फोन करते हैं। वे पूछते हैं कि कौन-सी कंपनी या दानदाता ने कितना पैसा दिया, किसने नहीं दिया। ट्रंप अक्सर उन्हें तय रकम से कहीं ज्यादा मांगने के लिए कहते हैं। ओ’रूर्क दानदाताओं को फोन करके कहती हैं कि बॉस यह पैसा चाहते हैं।
ट्रंप का मौजूदा रुख उनके पहले कार्यकाल और 2015 के रुख से बिल्कुल अलग है। तब उन्होंने पीएसी को स्कैम कहा था और खुद को दानदाताओं से स्वतंत्र बताया था। अब वे खुद सक्रिय रूप से फंड जुटाने पर जोर देते हैं। ओ’रूर्क 10 लाख डॉलर प्रति व्यक्ति की कैंडललाइट डिनर का आयोजन करती हैं, जहां प्रमुख सीईओ और लॉबिस्ट ट्रंप से सीधी पहुंच पाते हैं।