राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के अध्यक्ष डा. अभिजात चंद्रकांत शेठ ने शनिवार को कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) स्वास्थ्य सेवा का अभिन्न हिस्सा बनता जा रहा है।
असली चुनौती डाक्टरों को इस तकनीक का जिम्मेदारीपूर्वक और प्रभावी ढंग से उपयोग करने के लिए तैयार करना है।
राष्ट्रीय सम्मेलन हेल्थएआइकान 2026 को संबोधित करते हुए शेठ ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा में एआइ को अपनाने का तरीका नैतिक, सुरक्षित और न्यायसंगत होना चाहिए।
मेडिकल डायलाग्स द्वारा नेशनल मेडिकल फोरम के सहयोग से आयोजित इस सम्मेलन में देशभर से नीति निर्माता, डाक्टर, शोधकर्ता शामिल हुए। डा. अभिजात ने कहा कि भारत में प्रत्येक डाक्टर को एआइ को समझने और जिम्मेदारी से उपयोग करने के लिए सशक्त बनाया जाना चाहिए।
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक डाक्टर यह समझे कि एआइ क्या कर सकता है और क्या नहीं कर सकता।
इस सम्मेलन में नेशनल एआइ डाक्टर्स मिशन का भी शुभारंभ हुआ, जो स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों के बीच एआइ साक्षरता और भविष्य के लिए तैयार कौशल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई पहल है।