जेफरी एपस्टीन की मौत को सात साल से ज्यादा हो चुके हैं, लेकिन उससे जुड़ी सच्चाइयां आज भी दुनिया को झकझोर रही हैं।
अब उसकी शिकार रहीं एक पीड़िता की मौत के बाद प्रकाशित आत्मकथा ने फिर से एपस्टीन नेटवर्क की क्रूरत और ताकतवर लोगों की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पीड़िता की आत्मकथा उनकी मौत के छह महीने के बाद प्रकाशित हुई। 25 अप्रैल 2025 को सामने आई इस किताब ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी।
किताब में पीड़िता ने अपने साथ हुए यौन और शारीरिक शोषण का विस्तार से जिक्र किया है। उन्होंने बताया कि कैसे उन्हें बार-बार अमीर और ताकतवर लोगों के पास भेजा जाता था।
‘फेमस पीएम’ पर गंभीर आरोप
किताब का सबसे चौंकाने वाला दावा एक फेमस प्रधानमंत्री से जुड़ा है। पीड़िता ने लिखा है कि इस व्यक्ति ने उनके साथ बेहद क्रूर तरीके से रेप किया।
CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, किताब के अमेरिकी संस्करण में उसे ‘फेमसप्रधानमंत्री’ कहा गया है, जबकि ब्रिटिश संस्करण में उसे ‘पूर्वमंत्री’ बताया गया है। नाम कहीं नहीं लिखा गया है।
पीड़िता ने बताया कि एपस्टीन और उसका सर्कल उन्हें लगातार अमीर और प्रभावशाली लोगों के बीच भेजता था। वहां उनके साथ शारीरिक और मानसिक हिंसा की जाती थी। कई बार उनका गला दबाया गया, उन्हें पीटा गया और खून तक निकल आया। उन्होंने यह सब इसलिए लिखा ताकि दुनिया उस दर्द को समझ सके जिससे वे गुजरीं।
किताब में पीड़िता ने कैरेबियन स्थित एपस्टीन आईलैंड का जिक्र किया है। यहीं उनके साथ सबसे बर्बर हमला हुआ था। उन्हों लिखा कि एक व्यक्ति बार-बार उनका गला दबाता, उन्हें बेहोश करता और उनकी जान के डर पर हंसता था। दया मांगने पर वह और हिंसक हो जाता था।
प्रिंस एंड्रयू पर फिर सवाल
किताब के बाद ब्रिटेन के प्रिंस एंड्रयू का नाम फिर चर्चा में है। पीड़िता पहले भी उन पर यौन शोषण का आरोप लगा चुकी थीं। उनका कहना था एपस्टीन ने उन्हें तीन बार प्रिंस एंड्रयू के साथ भेजा। एंड्रयू ने आरोपों से इनकार किया, लेकिन 2022 में उन्होंने करोड़ों डॉलर देकर समझौता किया था।