इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नागरिकता विवाद मामले में अगली सुनवाई छह अप्रैल को होगी। राहुल गांधी के नागरिकता विवाद मामले में गुरुवार को भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने कोर्ट में दस्तावेज प्रस्तुत किया।
रायबरेली से सांसद राहुल गांधी के खिलाफ भारतीय नागरिक संहिता, पासपोर्ट अधिनियम, आफिसियल सीक्रेट एक्ट के तहत विभिन्न धाराओं में गंभीर आरोप लगाकर केस दर्ज करने की मांग को लेकर याचिका पर न्यायमूर्ति राजीव सिंह की एकल पीठ सुनवाई कर रही है।
इस केस में गुरुवार को सुनवाई के लिए दोपहर ढाई बजे का समय पहले से निर्धारित किया गया था। सुनवाई शुरू होते ही केंद्र सरकार की ओर से उपस्थित वरिष्ठ अधिवक्ता एसबी पाण्डेय ने कोर्ट से अनुरोध किया कि यह सुनवाई खुले कोर्ट में न की जाए क्योंकि गृह मंत्रालय से आए दस्तावेज काफी गोपनीय प्रकृति के हैं।
इस पर न्यायमूर्ति राजीव सिंह की एकल पीठ ने उनके अनुरोध को स्वीकार कर मामले की सुनवाई चैंबर में की। आदेश के अनुसार गृह मंत्रालय के अंडर सेक्रेटरी विवेक मिश्रा व सहायक सेक्शन ऑफिसर प्रणव राय संबंधित रिकॉर्ड के साथ उपस्थित हुए। रिकॉर्ड का न्यायालय ने अवलोकन करने के पश्चात उसे अंडर सेक्रेटरी को वापस कर दिया।
न्यायालय ने याची एस विग्नेश शिशिर को केंद्र सरकार को मामले में पक्षकार बनाने की अनुमति दी है। इसके साथ ही न्यायालय ने याची के मामले को ‘पार्ट हर्ड’ के तौर पर लिस्ट करने के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया और कहा कि मामला अभी भी एडमिशन स्टेज पर है। मामले की अगली सुनवाई छह अप्रैल को होगी।
उल्लेखनीय है कि कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता एस विग्नेश शिशिर ने रायबरेली से कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी के खिलाफ याचिका दाखिल की है। याची ने विशेष एमपी/एमएलए अदालत, लखनऊ के 28 जनवरी 2026 के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उक्त अदालत ने गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश देने की उसकी अर्जी खारिज कर दी थी।
याची ने राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और मामले की विस्तृत जांच कराने की मांग की है। याची ने गांधी के खिलाफ भारतीय नागरिक संहिता, पासपोर्ट अधिनियम, आफिसियल सीक्रेट एक्ट के तहत विभिन्न धाराओं में गंभीर आरोप लगाये हैं।