सोशल मीडिया पर सऊदी अरब में भारतीय नागरिक की गिरफ्तारी और इजरायली खुफिया एजेंसी ‘मोसाद’ से उनके जुड़ाव को लेकर कुछ दावे वायरल हो रहे हैं। विदेश मंत्रालय (MEA) की जांच में ये सभी दावे पूरी तरह बेबुनियाद और फर्जी पाए गए हैं।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट्स के जरिए यह दावा किया गया कि सऊदी अरब ने दो मोसाद एजेंटों को पकड़ा है, जिनमें से एक भारतीय है।
साथ ही यह भी दावा किया गया कि ये लोग बम धमाके की योजना बना रहे थे। हालांकि, आधिकारिक सूत्रों और फैक्ट-चेक रिपोर्टों ने पुष्टि की है कि सऊदी अरब की ओर से ऐसी कोई जानकारी साझा नहीं की गई है।
कांग्रेस IT सेल से जुड़े लोगों ने दी हवा
इन दावों को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं कि कांग्रेस पार्टी के IT सेल से जुड़े कुछ सदस्यों ने इन खबरों को हवा दी ताकि देश के भीतर और बाहर भारत की छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके।
क्या कांग्रेस के जाने-माने सपोर्टर्स का भारत को नुकसान पहुंचाना बुरी बात नहीं है?
MEA ने इस घटना की जांच की तो फर्जी पाया गया। जिसके बाद MEA ने एक्स पर इसे फेक बताते हुए लिखा, “कृपया सोशल मीडिया पर ऐसे बेतुके और बेबुनियाद दावों से सावधान रहें।”