डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने हिंद-प्रशांत कमान के नाम बदलने के विवाद को खारिज करने हुए कहा कि नाम मायने नहीं रखता।
उन्होंने कहा कि लेटरहेड पर नाम महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह देखना चाहिए कि अमेरिका वास्तव में क्या कर रहा है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के मुद्दे पर गोर ने कहा कि यह अंतिम चरण में है और बातचीत का केवल अंतिम एक प्रतिशत हिस्सा ही बचा है। यह व्यापार समझौता जल्द होने की उम्मीद है।
अमेरिकी राजदूत ने सोमवार को यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम (यूएसआइएसपीएफ) लीडरशिप समिट को संबोधित करते हुए कहा कि भारत अभी भी अमेरिका के साथ किसी अन्य देश की तुलना में सबसे अधिक सैन्य अभ्यास करता है और दोनों देशों के रक्षा अधिकारी नियमित रूप से एक-दूसरे के यहां दौरे करते हैं।