बड़े बेटे और बहू से न्यायालय में कानूनी लड़ाई लड़ रहे बुजुर्ग माता-पिता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मार्मिक गुहार लगाई है। बेटे और बहू की दबंगई और माफियागिरी पर बैकहो लोडर (बुलडोजर चलाने अपील की है। दंपती ने बेटे और बहू पर मकान को हड़पते हुए छोटे बेटे सहित घर से निकालने का आरोप लगाया है।
कहा वह चार सालों से छोटे बेटे के साथ किराए के मकान में रह रहे हैं। इंटरनेट मीडिया पर वीडियो प्रसारित होने के बाद पुलिस ने बुजुर्ग दंपती से मुलाकात कर उनका पक्ष जाना।
मूलरूप से एकता क्षेत्र के चमरौली गांव निवासी रामविलास कटारा पीडब्ल्यूडी से लिपिक पद से वर्ष 2013 में सेवानिवृत्त हुए थे। वर्तमान में वह बैंक कॉलोनी राजपुर में पत्नी ऊषा कटारा व छोटे बेटे प्रदीप कटारा के साथ किराये के मकान में रह रहे हैं। इंटरनेट मीडिया पर बुजुर्ग दंपती का वीडियो प्रसारित हो रहा है।
मार्मिक अपील करते हुए बनाए वीडियो को इंटरनेट मीडिया पर किया पोस्ट
उन्होंने बताया कि बड़े बेटे संदीप, छोटे बेटे प्रदीप और बेटी संध्या व अंजू की धूमधाम से शादी की। वर्ष 2018 में पत्नी ऊषा कटारा पैरालाइसिस के कारण अपाहिज हो गईं। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। गांव में 350 वर्ग गज भूमि पर दोनों बेटों के लिए सपनों का मकान तैयार कराया।
कुछ समय बाद बड़े बेटे संदीप के व्यवहार में बदलाव आने लगा। गांव में झगड़े और विवाद बढ़ने लगे। परिवार बचाने और बेटे-बहू का भविष्य सुरक्षित करने के लिए गांव का मकान बेच दिया।
रामविलास कटारा से पूछताछ करते मलपुरा इंस्पेक्टर राजेंद्र कुमार वशिष्ठ। जागरण
दबंगई से मकान को हड़पकर घर से बाहर निकालने का लगाया है आरोप
रामविलास ने दावा किया है कि उन्होंने बिक्री के बाद मिले रुपयों से हाईवे किनारे ककुआ स्थित क्रिस्टल सिटी में वर्ष 2020 में 156 वर्ग गज का प्लाट 15 लाख रुपये में खरीदा। स्टांप में छूट पाने के लिए बैनामा बड़ी बहू कल्पना के नाम कराया। बहू के खाते में रुपये डालकर विक्रेता के चेक चुकता कराए और कुछ रकम नकद भी दी। इसके बाद करीब 60 लाख रुपये खर्च कर दो मंजिला मकान बनवाया गया।
आरोप है कि चार जनवरी 2022 को बड़े बेटे और बहू ने रामविलास, उनकी पत्नी ऊषा व छोटे बेटे प्रदीप को घर से निकाल दिया। तब से वह किराये के मकान में रह रहे हैं। उनके कमरों के ताले तोड़े गए, घरेलू सामान तक बेच दिया गया। पेंशन की रकम पर भी कब्जा करने का प्रयास किया गया।
51 प्रार्थना पत्र दिए, फिर भी कार्रवाई नहीं हुई
रामविलास का कहना है कि वर्ष 2021 से अब तक वे शासन, पुलिस प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों को 51 प्रार्थना पत्र दे चुके हैं। कई पुलिस जांच आख्या में यह उल्लेख किया गया कि रामविलास कटारा ने अपना पैतृक मकान बेचकर बहू के नाम प्लाट खरीदकर मकान बनवाया था, लेकिन इसके बावजूद उन्हें न न्याय मिला और न ही अपने मकान पर अधिकार।
छोटी बहू के तलाक विवाद के कारण बड़ी बहू के नाम लिया प्लाट
रामविलास कटारा के अनुसार छोटी बहू से तलाक का मामला चल रहा था। कुछ समय बाद तलाक हो भी गया। इसी कारण भविष्य के विवाद से बचने और परिवार को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से नई संपत्ति बड़ी बहू के नाम खरीदी थी। जिससे किसी कानूनी विवाद की स्थिति में राहत मिल सके। मकान नाम होने पर बड़े बेटे और बहू की नियत में भी खोट आ गई।
इंटरनेट मीडिया बना आखिरी सहारा
पुलिस-प्रशासन में सुनवाई नहीं होने के बाद बुजुर्ग दंपती ने इंटरनेट मीडिया काे सहारा बना लिया। रामविलास कटारा ने बेटे और पुत्रवधू के खिलाफ अब तक डेढ़ दर्जन से अधिक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर अपलोड किए हैं। इनमें उन्होंने अपनी पीड़ा और न्याय न मिलने की बात कही है। बताया गया है कि दो दिन पहले उनके एक वीडियो को लाखों लोगों ने देखा। इसके बाद शुक्रवार सुबह थाना मलपुरा पुलिस बैंक कालोनी राजपुर स्थित उनके निवास पर पहुंची। बयान दर्ज कर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
बहू बोली, मुकदमा वापस लें जीवन भर साथ रखने को तैयार
बड़ी बहू कल्पना ने कहा कि मकान उनका है। उनकी संपत्ति में छोटे बेटे को हिस्सा देने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। मकान से जुड़ा विवाद न्यायालय में विचाराधीन है। ससुर मुकदमे वापस लें तो वह सास-ससुर को जीवन भर अपने साथ रखने के लिए तैयार हैं। इसके लिए वह स्टांप पर लिखकर दे सकती हैं। अपनी संपत्ति में किसी को हिस्सा नहीं दूंगी। उन्होंने बताया कि पति गुजरात में रहकर प्राइवेट नौकरी करते हैं।