IS से जुड़े डॉक्टर की खौफनाक साजिश का पर्दाफाश, ‘जैविक हमला’ कर हजारों लोगों को जहर देने की थी तैयारी…

नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी ने आईएसआईएस से जुड़े एक बड़े बायो-टेररिज्म प्लॉट का खुलासा किया है। एजेंसी ने बुधवार को अहमदाबाद स्थित स्पेशल NIA कोर्ट में डॉक्टर समेत तीन लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। आरोपियों पर सार्वजनिक स्थानों पर जैविक टॉक्सिन (रिसिन) का इस्तेमाल कर हजारों लोगों को जहर देने की साजिश रचने का आरोप है।

चार्जशीट में हैदराबाद के डॉ. सैयद अहमद मोहीउद्दीन, उत्तर प्रदेश के आजाद और मोहम्मद सुहेल के नाम शामिल हैं। NIA के अनुसार, ये सभी ISIS के विदेशी हैंडलर्स के निर्देश पर काम कर रहे थे। मोहीउद्दीन को दक्षिण एशिया में ISIS का ‘अमीर’ (सरगना) बनाने का वादा किया गया था।

घर को बनाया था रिसिन बनाने की लैब

जांच एजेंसी के मुताबिक, डॉ. मोहीउद्दीन ने हैदराबाद स्थित अपने घर को रिसिन तैयार करने के लिए एक गुप्त लैब में तब्दील कर दिया था। रिसिन एक घातक जैविक टॉक्सिन है जो बैक्टीरिया से प्राप्त किया जाता है और इसका इस्तेमाल बायो-टेररिज्म में किया जा सकता है।

आजाद और सुहेल की भूमिका मुख्य रूप से हैंडलर्स से संपर्क बनाए रखना, आतंकी गतिविधियों के लिए फंडिंग जुटाना, रेकी करना और अवैध हथियारों की आपूर्ति करना थी। सुहेल को पूरे मॉड्यूल का मुख्य कड़ी बताया गया है। वह ISIS के झंडे तैयार करने, वीडियो रिकॉर्डिंग और युवाओं की भर्ती में भी शामिल था।

NIA ने जनवरी 2026 में इस मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। आरोपियों ने राजस्थान के हनुमानगढ़ से नकदी और प्रतिबंधित हथियारों से भरे पार्सल एकत्र कर गुजरात के छत्राल में जमा किए थे।

चार्जशीट के अनुसार, सभी आरोपी अपने विदेशी ISIS हैंडलर्स से प्रभावित थे। वे कट्टरपंथ की ओर धकेले गए युवाओं को भर्ती कर जिहाद के नाम पर बायो-टेररिज्म और प्रतिबंधित हथियारों से हमले करने की योजना बना रहे थे।

क्या है बायो टेररिज्म?

बायो टेररिज्म में बैक्टीरिया, वायरस या अन्य जहरीले जैविक पदार्थों का इस्तेमाल लोगों, पशुओं या फसलों को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने के लिए किया जाता है। यह आतंकवाद का एक अत्यंत खतरनाक रूप माना जाता है क्योंकि इसका पता लगाना मुश्किल होता है और इसका प्रभाव व्यापक एवं लंबे समय तक रह सकता है।

इससे पहले दिसंबर 2025 में गुजरात ATS ने तीन आतंकियों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में पता चला था कि इनके निशाने पर RSS का लखनऊ मुख्यालय, अहमदाबाद का नरोडा इलाका और दिल्ली का आजाद मैदान शामिल थे।

NIA की इस चार्जशीट से देश में बायो-टेररिज्म के बढ़ते खतरे का संकेत मिलता है। एजेंसी मामले की आगे की जांच जारी रखे हुए है और अन्य सहयोगियों की तलाश कर रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *