जोधपुर जिले के बासनी मनणा गांव में एक ही परिवार में दो दिन के अंदर ससुर और बहू की मौत हो गई।
95 वर्षीय अमृतसिंह की बीमारी से मौत के महज दो घंटे बाद उनकी 47 वर्षीय बहू मंजू कंवर को गहरा सदमा लगा और ब्रेन हेमरेज से उनकी भी मौत हो गई। यह घटना पूरे इलाके में शोक की लहर छोड़ गई है।
11 मई की शाम करीब छह बजे अमृतसिंह का निधन हो गया। परिवार के अनुसार मंजू कंवर अपने ससुर को पिता के समान मानती थीं और उनकी सेवा बहुत लगन से करती थीं।
ससुर की मौत की खबर सुनते ही वे बुरी तरह टूट गईं। रोते-रोते उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें जोधपुर के एमडीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया।
12 मई की सुबह अमृतसिंह की अंतिम यात्रा निकाली गई। परिजनों के अनुसार अर्थी निकलते ही मंजू कंवर की हालत और बिगड़ गई।
दोपहर में अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। उनकी अंतिम यात्रा 13 मई को निकाली गई।
परिवार के लोगों ने बताया कि मंजू कंवर ससुर अमृतसिंह की बेटी की तरह सेवा करती थीं। दोनों के बीच गहरा पिता-पुत्री जैसा लगाव था। ससुर की मौत का सदमा वे बर्दाश्त नहीं कर पाईं।
नवंबर 2026 में बेटों की शादी तय थी
मंजू कंवर के दो बेटे हैं। बड़े बेटे श्याम सिंह (24) जयपुर में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, जबकि छोटे बेटे समर सिंह (22) पाली में एक निजी स्कूल का मैनेजमेंट संभालते हैं।
दोनों बेटों की शादी नवंबर 2026 में तय थी। परिवार शादी की तैयारियों में जुटा हुआ था। मंजू कंवर खुद इन तैयारियों में सक्रिय रूप से भाग ले रही थीं।