जस्टिस यशवंत वर्मा के विरुद्ध आरोपों की जांच कर रही जजों की जांच समिति ने सोमवार को अपनी रिपोर्ट लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को सौंप दी।
सरकारी बंगले में आग लगने के दौरान अघोषित नकदी मिलने पर जस्टिस वर्मा के विरुद्ध महाभियोग की कार्यवाही शुरू की गई थी।
अधिकारियों ने बताया कि न्यायाधीश (जांच) अधिनियम, 1968 के अनुरूप पेश की गई यह रिपोर्ट उचित समय पर संसद में प्रस्तुत की जाएगी। स्पीकर ने 12 अगस्त, 2025 को इस तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था।
14 मार्च, 2025 की रात जस्टिस वर्मा के दिल्ली स्थित सरकारी बंगले में आग लगने के दौरान अग्निशमन कर्मियों को स्टोर रूम में भारी मात्रा में जले हुए नोट मिले थे।
तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना द्वारा गठित आंतरिक समिति का निष्कर्ष था कि जस्टिस वर्मा का उस स्टोर रूम पर नियंत्रण था।
उल्लेखनीय है कि संसद में महाभियोग प्रस्ताव के जरिये हटाए जाने की संभावना के मद्देनजर जस्टिस वर्मा ने हाल में इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज पद से इस्तीफा दे दिया था। इससे महाभियोग की कार्यवाही निष्फल हो गई है।