इस्लामिक गणराज्य के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु का कारण बने अमेरिका-इजरायल के संयुक्त सैन्य हमले निर्वासित ईरानी क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी के अनुसार ”शासन के अंत की शुरुआत” को दर्शाते हैं।
उन्होंने कहा कि ये घटनाएं ईरानी लोगों को अपने देश को पुन: प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त कर सकती हैं।
फॉक्स न्यूज के ‘संडे मार्निंग फ्यूचर्स’ को दिए साक्षात्कार में पहलवी ने इस्लामिक गणराज्य के खिलाफ अमेरिका की सैन्य कार्रवाई को गेम चेंजर बताया।
उन्होंने दावा किया कि देश के भीतर और प्रवासी समुदाय में कई ईरानियों ने इस कदम का स्वागत किया है। उन्होंने कहा, ”इसमें कोई संदेह नहीं है कि यह वही गेम चेंजर है जिसका हम सभी लंबे समय से इंतजार कर रहे थे।
घर और विदेश में ईरानियों की खुशी इस बात को दर्शाती है कि लोग इस क्षण की कितनी उम्मीद कर रहे थे।” निर्वासित प्रिंस ने कहा, ”हम इस बात से बहुत खुश हैं कि अब हम शासन के अंत की शुरुआत देख रहे हैं, क्योंकि कम से कम हम इस शासन के और अधिक विनाश को देखेंगे, ताकि ईरानी लोग सड़कों पर लौट सकें और इस नफरत भरे शासन से अपना देश वापस ले सकें।”
नेतृत्व करने को तैयार: पहलवी
पहलवी ने बताया, ”ईरानी लोगों ने बहुत अधिक सहा है कि वे इससे कम पर समझौता न करें।” उन्होंने कहा कि वह ईरान में संभावित राजनीतिक बदलाव के लिए तैयारी कर रहे हैं। वह एक व्यापक ईरानी गठबंधन द्वारा समर्थित बदलाव की प्रक्रिया का नेतृत्व करने के लिए तैयार हैं, जिसमें देश के भीतर के कार्यकर्ता और सैन्य सदस्य शामिल हैं।
उन्होंने कहा,”मैंने इस उद्देश्य पर एकजुट ईरानियों के एक समूह के साथ काम किया है। हमारे पास इस प्रक्रिया के लिए समर्पित लोगों का सबसे विविध गठबंधन है, जो देश के विभिन्न हिस्सों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिसमें धार्मिक अल्पसंख्यक, जातीय समूह शामिल हैं, जो इस राष्ट्रीय परियोजना में सभी एकजुट हैं।”