शरद पूर्णिमा पर ठाकुरजी के दर्शन परंपरागत ढंग से, गर्भगृह से होंगे श्रृंगार और भोग के दर्शन…

प्रियंका प्रसाद (ज्योतिष सलाहकार): केवल व्हाट्सएप मेसेज 94064 20131

ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में शरद पूर्णिमा पर भक्तों को परंपरानुसार ही दर्शन होगें। शनिवार को मंदिर के सेवाधिकारी ने स्पष्ट कहा है कि उच्च न्यायालय इलाहाबाद के आदेश के अनुरूप गर्भगृह से श्रृंगार भोग के दर्शन होंगे, किसी भी सूरत में पिछले वर्ष जैसी अव्यवस्था दोहराई नहीं जाएगी।

पत्रकारों से वार्ता करते हुए सेवाधिकारी गौरव गोस्वामी ने कहा कि शरद पूर्णिमा 6 अक्तूबर को इस वर्ष ठाकुरजी के दर्शन सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार ही कराए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि शरद पूर्णिमा के दिन श्रृंगार सेवा भोग के दौरान ठाकुरजी के दर्शन गर्भगृह से होते हैं, जबकि शाम के शयन भोग में ठाकुरजी को जगमोहन में विराजित कर भक्तों को दर्शन कराए जाते हैं।

गौरव गोस्वामी ने कहा कि परंपरा में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद द्वारा समय निर्धारण को लेकर एक स्थगन आदेश पारित किया गया है, जिसका उल्लंघन न्यायालय की अवमानना होगी।

उन्होंने कहा कि 2023 में शरद पूर्णिमा के दौरान, ठाकुरजी का सिंहासन जगमोहन में स्थापित कर दिया गया था, जिससे करीब 35 मिनट तक श्रद्धालु दर्शन से वंचित रहे थे और मंदिर परिसर में अव्यवस्था फैल गई थी।

इस घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारी मंदिर पहुंचे थे और बाद में दर्शन सुचारू किए गए थे। गौरव गोस्वामी ने कहा कि ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए उन्होंने हाई पावर मंदिर कमेटी को लिखित रूप से सूचित कर दिया है।

ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे परंपरा और न्यायालयीय आदेशों का सम्मान करते हुए मंदिर व्यवस्था में सहयोग करें। इस अवसर पर हिमांशु गोस्वामी, संतु गोस्वामी, देव गोस्वामी, लाले गोस्वामी और मयूर गोस्वामी उपस्थित रहे।

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